पटना। नगर निगम के कर्मचारियों और सफाई मजदूरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पिछले दो महीनों से वेतन और पेंशन का भुगतान न होने के कारण नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी महासंघ ने एक कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 6 नवंबर तक सभी कर्मचारियों और मजदूरों के रुके हुए वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो 7 नवंबर से पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। इसके साथ ही, अपनी मांगों के समर्थन में नगर आयुक्त के कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा।
वेतन और पेंशन का भुगतान न होने से गहराया संकट
महासंघ के अध्यक्ष नंद किशोर दास ने जानकारी दी है कि नवंबर की शुरुआत होने के बावजूद निगम के तमाम कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके हिस्से का वेतन व पेंशन नहीं मिल सका है। त्योहारों के इस माहौल में भुगतान न होने की वजह से कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष और नाराजगी व्याप्त है।
निजी एजेंसियों के कर्मचारियों का हाल बेहाल
संघ का आरोप है कि विभिन्न निजी एजेंसियों के अंतर्गत कार्य कर रहे सफाई कर्मियों को सितंबर और अक्टूबर यानी दो पूरे महीनों से वेतन नहीं मिला है। स्थिति तब और बदतर हो गई जब अगस्त के महीने में भी कई सफाई मजदूरों को उनका पूरा पारिश्रमिक देने के बजाय मनमाने ढंग से केवल तीन से चार हजार रुपये ही थमा दिए गए।
त्योहारों के वक्त आर्थिक तंगी और कर्ज का बोझ
दीपावली और छठ जैसे महापर्व सिर पर हैं, लेकिन पारिश्रमिक न मिलने के कारण सफाई कर्मियों के समक्ष अपने परिवारों का भरण-पोषण करना, घर का किराया चुकाना, बच्चों की जरूरतें पूरी करना और चिकित्सा का खर्च उठाना बेहद कठिन हो गया है। महीनों से वेतन न मिलने की वजह से कई मजदूर पहले ही कर्ज के जाल में फंस चुके हैं, और त्योहारों के समय यह आर्थिक संकट और भी गहरा गया है।
महासंघ की दो टूक: प्रशासन होगा जिम्मेदार
महासंघ ने नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि 6 नवंबर तक हर हाल में लंबित वेतन व पेंशन का भुगतान किया जाए। अगर समयासीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 7 नवंबर से सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे और नगर आयुक्त का घेराव करेंगे। संघ के नेताओं का साफ कहना है कि इस स्थिति के कारण उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक अव्यवस्था और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। इस चेतावनी के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले बड़े त्योहारों से पहले पटना की साफ-सफाई व्यवस्था भारी संकट में पड़ सकती है।

