राजधानी पटना के रानीतालाब थाना क्षेत्र में स्कूल जा रहे दो सगे भाइयों को एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में एक बच्चे की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा भाई अभी भी अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के अनुसार गत 27 जुलाई की सुबह रानीतालाब थाना क्षेत्र के हैबसपुर गांव के रहने वाले दो सगे भाई रोज की तरह स्कूल पढ़ने के लिए निकल रहे थे। वे जैसे ही सैदाबाद गोना स्कूल के रास्ते पर पहुंचे तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने दोनों मासूमों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों घायल बच्चों को इलाज के लिए एम्स पटना में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक एम्स में एक दिन तक इलाज चला लेकिन वहां बेड की उपलब्धता न होने का हवाला देकर डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को PMCH रेफर कर दिया। गनीमत यह थी कि उस समय तक दोनों बच्चों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही थी।
दलाल के चक्कर में फंसे परिजन और निजी अस्पताल में भर्ती
पीएमसीएच पहुंचने के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक बच्चे के पिता ने दर्द बयां करते हुए बताया कि अस्पताल परिसर में उनकी मुलाकात सौरभ नाम के एक दलाल से हुई। उस व्यक्ति ने बच्चों के बेहतर और आधुनिक इलाज का झूठा भरोसा दिलाया और परिजनों को झांसे में लेकर दोनों भाइयों को कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि इसी निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर भारी लापरवाही बरती गई। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने कथित तौर पर एक बच्चे को गलत ब्लड (रक्त) चढ़ा दिया। गलत खून चढ़ने के कारण बच्चे की शारीरिक स्थिति में सुधार होने के बजाय उसकी तबीयत लगातार तेजी से बिगड़ने लगी और अंततः 31 जुलाई की देर रात उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरा घायल भाई अभी भी आईसीयू में भर्ती है और उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
अस्पताल में जमकर हंगामा और पुलिस की कार्रवाई
इतनी बड़ी लापरवाही के बाद बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को सामने रखकर निजी अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते हंगामे को देखकर अस्पताल के डॉक्टर और अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कंकड़बाग थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा परिजनों को शांत कराया।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए वापस पीएमसीएच भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से माता-पिता सदमे में हैं और उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।


