पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के नगर निकायों में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी है। राजधानी की सड़कों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे भीषण बदबू फैल चुकी है और आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। पिछले दो दिनों से शहर में न तो सड़कों पर झाड़ू लगी है और न ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन, ई-रिक्शा या बड़ी गाड़ियां निकली हैं। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
पुलिस सुरक्षा में कचरा उठाव
हड़ताल के कारण उत्पन्न हुए कचरे के संकट से निपटने के लिए अब पुलिस बल की निगरानी में कचरे का उठाव किया जा रहा है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे हर वार्ड में काम कर रहे सफाईकर्मियों के साथ 15 से 20 सहयोगियों की एक अतिरिक्त टीम तैयार कर काम करवाएं। इसके अलावा, सभी वरीय अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों में लगातार निगरानी रखते हुए रात के समय विशेष सफाई अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
काम में बाधा डालने वालों पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति सफाई कार्यों में बाधा डालता है या अन्य कर्मियों को डराता-धमकाता है, तो उसे तुरंत चिह्नित कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। हड़ताल के दौरान कई जगह बाहरी और स्थायी कर्मियों को काम करने से रोके जाने की शिकायतें मिली हैं, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ड्यूटी पर आने के बावजूद काम से बचने वाले कर्मियों पर भी विभागीय गाज गिरेगी।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर भी शिकंजा
प्रशासन ने सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को अनुबंध के मुताबिक तय संख्या में मानव बल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यदि कोई एजेंसी पर्याप्त कर्मी मुहैया कराने में विफल रहती है या अपने संविदात्मक दायित्वों से पीछे हटती है, तो उसके अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सभी सफाई निरीक्षकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सीधी निगरानी में सभी स्थायी, दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों की बायोमेट्रिक और मैनुअल उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। अनुपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन की अपील और पटना नगर निगम का कार्यबल
नगर आयुक्त ने सभी सफाई कर्मियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल अपने काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम के दायरे में आने वाली यूनियन की अधिकांश मांगें पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, जबकि अन्य न्यायोचित मांगों को उच्च स्तर पर विचार के लिए भेजा गया है। शेष मांगों का समाधान आपसी संवाद से निकाला जाएगा। वर्तमान में पटना नगर निगम में 647 स्थायी, 3,816 दैनिक और 4,822 आउटसोर्सिंग के जरिए कुल सफाईकर्मी कार्यरत हैं, जिनकी मदद से शहर की व्यवस्था सुधारने का प्रयास जारी है।


