कुंदन कुमार, ​पटना। ​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद पत्रकारों को राज्य के विकास से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत नदियों से गाद (गाद/सिल्ट) निकालने का काम केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग करेगा।

​नदियों की गाद से निर्माण और बाढ़ नियंत्रण

​सम्राट चौधरी ने कहा कि नदियों से लगभग 4 लाख मेट्रिक टन गाद निकाली जाएगी। इस निकाली गई गाद का उपयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। इससे जहां एक तरफ बिहार में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ खेतों से होने वाले मिट्टी के कटाव पर भी रोक लगेगी। सरकार इस गाद का बेहतर इस्तेमाल कर बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।

​सुशासन और कानून व्यवस्था को आगे बढ़ाने का संकल्प

​मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में जिस सुशासन की नींव रखी थी, वर्तमान सरकार उसी राह पर आगे बढ़ रही है। राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है और विकास कार्यों को गति दी जा रही है।

​त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनें और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विस्तार

रेल सुविधाओं के संदर्भ में उन्होंने बताया कि रेल मंत्री से मुलाकात कर आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान बिहार के लोगों की सुविधा के लिए अधिक से अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है, जिस पर रेल मंत्रालय ने अपनी सहमति दे दी है। औद्योगिक विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि गया में आईएमसी (IMC) इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है, मुजफ्फरपुर में काम जारी है और दरभंगा का प्रस्ताव भी केंद्र को भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए 13,000 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है और 1,000 से अधिक इंडस्ट्रीज को जमीन आवंटित की जा चुकी है।

​डाटा सेंटर का शुभारंभ और इको-टूरिज्म को बढ़ावा

​सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि बिहार में डाटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है और उसका काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य में बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए पर्यावरणीय स्वीकृतियां मांगी गई हैं। राज्य में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।