पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर जारी घमासान के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अनंत सिंह आज फिर नालंदा जिले के दौरे पर हैं, जहां वे जन आशीर्वाद यात्रा निकालकर स्नातक मतदाताओं से जन सुराज प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।

​नालंदा में अनंत सिंह का दौरा और पिछला रोड शो

​अनंत सिंह की जन आशीर्वाद यात्रा का कार्यक्रम पटना स्थित उनके आवास से सुबह 9 बजे शुरू हुआ। तय शेड्यूल के अनुसार, वे नालंदा के विभिन्न इलाकों में समर्थकों से मुलाकात और जनसंपर्क कर रहे हैं। दोपहर 2 बजे जीतिपुर में भोजन का कार्यक्रम रखा गया है, जिसके बाद जनसंपर्क अभियान जारी रखते हुए शाम 5:45 बजे यात्रा समाप्त कर वे पटना लौटेंगे। इससे पहले अनंत सिंह फतुहा के महारानी चौक से बख्तियारपुर तक बड़ा रोड शो कर चुके हैं और उन्होंने आगे नवादा तक प्रचार करने की बात भी कही है।

​नीरज कुमार के प्रचार से ललन सिंह का नाम गायब

​दूसरी तरफ, जदयू ने अपने निवर्तमान विधान पार्षद नीरज कुमार पर चौथी बार भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। उनके समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, डिप्टी सीएम विजय चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी जैसे वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि, प्रचारकों की आधिकारिक सूची से मुंगेर के सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का नाम न होना चर्चा का विषय बन गया है। ललन सिंह का नाम न होने पर सफाई देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि यह सूची जदयू राज्य कार्यालय से बनी है और क्षेत्र में स्थानीय विधायक डॉ. सियाराम सिंह सक्रिय हैं।

​जदयू के सामने खड़ी हुई असहज स्थिति

​अनंत सिंह के इस कदम से जदयू के अंदर असहज स्थिति पैदा हो गई है। पार्टी का एक मौजूदा विधायक न सिर्फ अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने का खुला दावा कर रहा है, बल्कि दूसरे दल के प्रत्याशी के लिए सड़क पर उतरकर वोट मांग रहा है। दिलचस्प बात यह भी है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का विवाद सुलझाने का जिम्मा पार्टी ने ललन सिंह को ही सौंपा था, लेकिन अब इस सियासी समीकरण ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।