पटना। बुधवार की शाम बिहार की राजधानी समेत आसपास के इलाकों में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। प्रकृति के इस गुस्से का सबसे बुरा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा, जिससे विमानों और ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। खराब विजिबिलिटी और तकनीकी बाधाओं के कारण जहां विमानों को दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा, वहीं रेल पटरियों पर पेड़ गिरने से प्रमुख ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं।
विमान सेवाएं प्रभावित: लैंडिंग के बजाय मिला डायवर्जन
खराब मौसम ने हवाई यातायात को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। दिल्ली और कोलकाता से पटना आ रहे दो प्रमुख विमानों को ऐन वक्त पर रास्ता बदलना पड़ा। एअर इंडिया की दिल्ली-पटना फ्लाइट (AI-746) अपने निर्धारित समय पर पटना के आसमान में पहुंच चुकी थी, लेकिन रनवे पर दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण उसे लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। तीन बार हवा में चक्कर काटने के बाद, विमान को वाराणसी के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इसी तरह इंडिगो की कोलकाता-पटना फ्लाइट (6E-895) को भी सुरक्षित लैंडिंग की स्थिति न देख लखनऊ भेज दिया गया। इन दोनों विमानों में कुल 175 यात्री सवार थे, जिन्हें घंटों की अनिश्चितता के बाद देर रात पटना पहुंचाया गया। इसके अलावा मुंबई और बेंगलुरु से आने वाली अन्य उड़ानें भी एक घंटे तक की देरी से संचालित हुईं।
रेल रूट बाधित: राजधानी और संपूर्ण क्रांति पर लगा ब्रेक
रेलवे का परिचालन भी आंधी की मार से अछूता नहीं रहा। पटना-दिल्ली रेलखंड पर बिहटा और कुल्हड़िया स्टेशनों के बीच एक विशाल पेड़ हाई-वोल्टेज ओवरहेड वायर (OHE) पर गिर गया। इसके चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई और ट्रेनों के पहिये जहां के तहां थम गए। राजेंद्रनगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस रात 7:55 बजे से 9 बजे तक फुलवारी शरीफ में खड़ी रही। वहीं, यात्रियों की पसंदीदा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस को पटना जंक्शन और मगध एक्सप्रेस को बिहटा में ही रोक दिया गया। डाउन लाइन में दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन आरा में खड़ी रही। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब ट्रैक से पेड़ हटाया गया, तब जाकर रेल यातायात बहाल हो सका।
अंधेरे में डूबा शहर: बिजली की खपत 200 मेगावाट गिरा
आंधी का असर शहरी बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा। पेसू (PESU) के अनुसार, आंधी-पानी के कारण एक दर्जन से अधिक फीडर ब्रेकडाउन का शिकार हो गए। इंसुलेटर पंक्चर होने और पेड़ों की टहनियां तारों पर गिरने से कंकड़बाग, बोरिंग रोड, राजा बाजार और पटना सिटी जैसे प्रमुख इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही। दिलचस्प बात यह रही कि मौसम ठंडा होने और सप्लाई कटने की वजह से बिजली की खपत जो पहले 500 मेगावाट से अधिक थी, वह घटकर महज 300 मेगावाट रह गई। देर रात तक इंजीनियरों की टीम फॉल्ट सुधारने में जुटी रही।
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