पटना (बाढ़): बिहार में एक बार फिर अंधविश्वास और पारिवारिक कलह के खूनी मेल ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पूरा गांव में ‘डायन-बिसाही’ के संदेह में एक कलयुगी बेटे और बहू ने अपने ही बुजुर्ग माता-पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में पिता कृष्णा यादव गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​बीमारी बनी विवाद की जड़

​घटना की शुरुआत छोटी बहू रिंकू देवी की अचानक बिगड़ती सेहत से हुई। बताया जा रहा है कि रिंकू देवी की तबीयत खराब होने पर ससुर कृष्णा यादव उन्हें इलाज के लिए स्थानीय क्लीनिक ले गए थे। अस्पताल से लौटने के बाद, घर में मौजूद बड़े बेटे और उसकी पत्नी ने इस बीमारी को सामान्य मानने के बजाय इसे तंत्र-मंत्र से जोड़ दिया।

​‘चुड़ैल’ भेजने का आरोप

​विवाद ने तब तूल पकड़ा जब बड़े बेटे के बच्चों ने रिंकू देवी के छोटे बेटे के साथ मारपीट की। जब रिंकू ने इसका विरोध किया, तो जेठ और जेठानी ने उन पर जादू-टोना करने और परिवार पर ‘चुड़ैल’ भेजने का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया। अपनी जान पर खतरा मंडराते देख रिंकू देवी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

​बचाव करने गए बुजुर्गों पर बरपा कहर

​जब छोटी बहू कमरे में बंद हो गई, तो हमलावरों का गुस्सा बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग माता-पिता पर फूट पड़ा। बड़े बेटे और उसकी पत्नी ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर अपने ही पिता कृष्णा यादव और माता की बेरहमी से पिटाई कर दी। लाठी-डंडों के प्रहार से कृष्णा यादव का सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

​आरोपी फरार, पुलिस की कार्रवाई जारी

​घटना के बाद से ही आरोपी पक्ष गांव छोड़कर फरार है। पीड़ित पिता ने अस्पताल से ही पुलिस को मामले की मौखिक सूचना दी है। कृष्णा यादव का कहना है कि वे स्वस्थ होने के बाद दोषियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। फिलहाल, बाढ़ थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की संभावना जताई जा रही है। समाज में व्याप्त यह अंधविश्वास आज भी शिक्षा और विकास के दावों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रहा है।