पटना। बिहार राज्य महिला आयोग के सामने एक ऐसा वैवाहिक विवाद आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। हाजीपुर के जढ़ुआ की एक सास ने अपनी बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सास का दावा है कि उनकी बहू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह अपने पति को देखते ही बेहोश हो जाती है। शादी के 6 साल बीत जाने के बाद भी पति-पत्नी के बीच कोई शारीरिक या भावनात्मक संबंध स्थापित नहीं हो सका है।

​शादी में ‘लड़की बदलने’ का गंभीर आरोप

​सास का आरोप है कि जून 2020 में हुई इस शादी की नींव ही झूठ पर रखी गई थी। आवेदिका के अनुसार, विवाह से पूर्व उन्हें जो लड़की दिखाई गई थी, वह कोई और थी, जबकि शादी किसी दूसरी लड़की से करा दी गई। सास का कहना है कि बहू के मायके वालों ने उनके साथ बड़ा छल किया है और उसकी मानसिक बीमारी की बात छिपाई। बहू का व्यवहार असामान्य है; वह अक्सर घर से बिना बताए भाग जाती है और कई बार छत से कूदकर जान देने की कोशिश भी कर चुकी है।

​घरेलू कलह और मर्यादा का उल्लंघन

​सास ने आयोग को बताया कि वह अब उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां उन्हें सेवा की जरूरत है, लेकिन उन्हें अपनी बहू के कपड़े तक धोने पड़ते हैं। बहू को न तो खाना बनाना आता है और न ही वह घर का कोई काम करती है। सास का यह भी आरोप है कि घर में बुजुर्गों की मौजूदगी के बावजूद बहू मर्यादित कपड़े नहीं पहनती और समझाने पर भी उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आता।

​बहू का पलटवार: ‘ससुर ने चप्पल से मारा’

​दूसरी ओर, बहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसने आयोग के सामने कहा कि उसके साथ मारपीट की जाती है। बहू का दावा है कि उसके ससुर ने उसे चप्पल से मारा था, जिसके कारण वह डर के साये में जी रही है। हालांकि, उसने एक शर्त रखी है कि यदि उसके साथ मारपीट बंद कर दी जाए, तो वह ससुराल लौटकर घर के सारे काम करने और अच्छे से रहने को तैयार है।

​महिला आयोग की कार्रवाई और जांच

​इस जटिल विवाद को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने वैशाली के जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर घटनास्थल की जांच करने का निर्देश दिया है। आयोग का मानना है कि दोनों पक्षों के दावों की जमीनी हकीकत जानना जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला वाकई मानसिक बीमारी का है या घरेलू हिंसा का।