पटना। भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे तलाक का मामला इन दिनों तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश की बलिया कोर्ट में 5 अक्टूबर को भरण-पोषण के मामले की सुनवाई थी, जिसमें अभिनेता को व्यक्तिगत रूप से पेश होना था, लेकिन वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पवन सिंह पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
पवन सिंह पर जुर्माना और अंतिम मौका
सोमवार को सुनवाई के दौरान पवन सिंह के कोर्ट न पहुंचने पर उनकी टीम ने अदालत को बताया कि उनकी मां की तबीयत खराब है। हालांकि, बलिया कोर्ट ने इस बार नरमी न बरतते हुए उन्हें अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 अक्टूबर को तय की गई है। वहीं, समय पर सबूत पेश न करने के कारण उनकी पत्नी ज्योति सिंह पर भी 500 रुपये का हर्जाना लगाया गया है।
ज्योति बोली पवन सिंह कर रहे पावर का इस्तेमाल
सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ज्योति सिंह ने तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पवन सिंह अपनी पावर और पोजीशन का गलत फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने अपनी परेशानियों को साझा करते हुए कहा:
- पवन सिंह को बार-बार अदालत बुलाया जाता है, लेकिन वह पेश नहीं होते, जिससे मुझे हर बार भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
- मेरे पिता की तबीयत भी ठीक नहीं रहती और मैं खुद बलिया में नहीं रहती हूं, इसलिए मुझे हर तारीख पर लंबी दूरी तय करके आना पड़ता है।
ज्योति ने यह भी खुलासा किया कि उनके पास पवन सिंह का पर्सनल मोबाइल नंबर तक नहीं है। उन्होंने बताया कि सास की खराब तबीयत की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने भाई को भेजा था, जिन्होंने बताया कि अब उनकी सास अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आ चुकी हैं। ज्योति के मुताबिक, पवन सिंह से उनकी आखिरी बातचीत लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के वक्त हुई थी।

