चंडीगढ़। फार्मेसी परीक्षा विवाद को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दो टूक कहा है. उन्होंने सोशल मीडिया में इस पूरे मामले में साफ कहा कि फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि नकल का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ा गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की. आपको बता दें इस पूरे मामले को लेकर पंजाब में माहौल गरमाया हुआ है.

शिक्षा मंत्री बैंस ने देशभर के युवाओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चल रहे आंदोलन की सफलता पर शुभकामनाएं दीं. इसके बाद उन्होंने पंजाब में चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि फार्मेसी परीक्षा को लेकर जिस तरह पेपर लीक की बात कही जा रही है, वह सही नहीं है. उनके अनुसार यह नकल का मामला था और संबंधित लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था. इस पूरे मामले में पुलिस ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की है.

पद छोड़ने को लेकर दिया जवाब

उन्होंने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि यदि उनके इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आ सकता है तो वह किसी भी समय पद छोड़ने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि आज भी वह अपनी इसी बात पर कायम हैं और पद से अधिक शिक्षा व्यवस्था को महत्व देते हैं.वीडियो संदेश में हरजोत सिंह बैंस ने राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया.

उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पंजाब प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान से आगे बढ़कर देश में पहले स्थान पर पहुंचा है.शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश के आखरी में कहा कि वह किसी भी कीमत पर पंजाब की छवि को खराब नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए केवल विभाग नहीं, बल्कि जुनून है.