पटना। फुलवारीशरीफ थाने में पुलिस विभाग को करोड़ों रुपये के मादक पदार्थों (ड्रग्स) के साथ पकड़े गए दो बड़े तस्करों को मात्र 11 लाख रुपये की घूस लेकर थाने से ही गुप्त रूप से छोड़ दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध रिश्वत की रकम के बंदरबांट को लेकर खुद पुलिसकर्मी ही आपस में भिड़ गए, जिसके बाद इस पूरे काले कारनामे का भंडाफोड़ हो गया।

​छापेमारी और तस्करों की गिरफ्तारी

बीते 26 अक्टूबर को फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के ग्यास नगर स्थित एक फॉर्म हाउस में भारी मात्रा में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और सौदेबाजी की गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। इस सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त फॉर्म हाउस पर छापेमारी की।
​इस कार्रवाई के दौरान मौके से आकिब खान उर्फ मो. साकिब खान, मो. आफताब आलम और मो. एहसान इन तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। पकड़े गए तस्करों के पास से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी हुई थी।

साठगांठ और भ्रष्टाचार का खेल

छापेमारी के बाद आरोपियों को थाने लाया गया, जहां खाकी वर्दी के नुमाइंदों ने तस्करों के साथ अंदरखाने सौदा तय कर लिया। दो करोड़ के इस बड़े मामले में सांठगांठ करके 11 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत ली गई। इसके बाद साजिश के तहत मुख्य आरोपियों में से दो (मो. आफताब आलम और मो. एहसान) को थाने से ही छोड़ दिया गया। कागजी खानापूर्ति के लिए केवल आकिब खान पर एनडीपीएस (मादक पदार्थ) अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेजा गया।

​बंटवारे के विवाद ने खोली पोल

थाने के भीतर ही घूस के रूप में आए 11 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर छापेमारी दल के पुलिसकर्मियों के बीच आपसी खींचतान और झगड़ा शुरू हो गया। पैसे के लेन-देन और हिस्सेदारी का यह विवाद धीरे-धीरे तूल पकड़ते हुए उच्चाधिकारियों तक जा पहुंचा। मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) को इस पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच सौंपी गई।

​आठों पुलिसकर्मी निलंबित, प्राथमिकी दर्ज

जांच रिपोर्ट में रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग की बात पूरी तरह से पुख्ता पाई गई। इसके बाद प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपर थानाध्यक्ष दिवाकर प्रसाद, मामले के वादी सब-इंस्पेक्टर नारद मुनी सिंह, अनुसंधानकर्ता सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार, दरोगा रितेश कुमार, प्रशिक्षु दरोगा आकाश कुमार, मुंशी साबिर आलम, तथा सिपाही आनंद राज और शुभम कुमार कुल आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इन सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।