बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल-26’(Special 26) के वे सीन तो आपको याद ही होंगे, जब फर्जी CBI अधिकारियों की टीम बनाकर नेताओं और कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की जाती है। फिल्म की इसी कहानी से मिलता-जुलता एक मामला अब राजधानी दिल्ली में सामने आया है। दिल्ली में 2 महिलाओं ने फिल्मी अंदाज में फर्जी सरकारी अफसरों का रूप धरकर छापेमारी करने की कोशिश की। दोनों महिलाएं खुद को अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करने और कार्रवाई का डर दिखाने की कोशिश में थीं। हालांकि, उनकी यह कथित योजना ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और मामले का खुलासा हो गया।
खाकी और मोनोग्राम वाली ड्रेस, गले में फर्जी CBI पहचान पत्र और चेहरे पर दबंग अफसरों जैसा रौब। दिल्ली के प्रशांत विहार में एक फर्नीचर कारोबारी के घर कथित तौर पर रेड मारने पहुंची फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। रोहिणी जिला पुलिस ने फिल्मी अंदाज में रची गई इस कथित साजिश के पांच अन्य सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
फर्जी पहचान पत्र और वर्दी के सहारे बनाया दबाव
आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को सीबीआई अधिकारी बताने के लिए खाकी वर्दी और मोनोग्राम वाली ड्रेस का इस्तेमाल किया था। उनके पास फर्जी पहचान पत्र भी थे। टीम ने इन्हीं के सहारे फर्नीचर कारोबारी के घर पहुंचकर रेड करने की कोशिश की। मामले की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और कथित फर्जी टीम के नेटवर्क तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
होटल मालकिन और बार डांसर निकलीं मास्टरमाइंड
दिल्ली के प्रशांत विहार में फर्जी सीबीआई अफसर बनकर फर्नीचर कारोबारी के घर रेड करने पहुंचे गिरोह की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, इस कथित गिरोह की मास्टरमाइंड आसिफा और पूजा अग्रवाल थीं। पुलिस के अनुसार, आसिफा राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी। कारोबार में घाटा होने के बाद उसने कथित तौर पर वसूली का रास्ता अपनाया। पुलिस का दावा है कि आसिफा को सीबीआई की कार्यप्रणाली की जानकारी थी। इसी आधार पर उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र और मोनोग्राम वाली वर्दी तैयार करवाई।
पार्टी में हुई मुलाकात के बाद रची गई साजिश
पुलिस के मुताबिक, दूसरी आरोपी पूजा की मुलाकात एक पार्टी में 63 वर्षीय कुलदीप से हुई थी। जांच में सामने आया कि कुलदीप ने फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल को कथित तौर पर सॉफ्ट टारगेट बताया था। इसके बाद पूजा के जीजा चंद्र प्रकाश ने कथित तौर पर शुभम, राजवीर और नितिन समेत कुछ युवकों को गिरोह में शामिल किया। पुलिस के अनुसार, इन लोगों के साथ मिलकर फर्जी सीबीआई अधिकारियों की पूरी टीम तैयार की गई।
कारोबारी के शोर मचाने से खुली फर्जी CBI टीम की पोल
दिल्ली के प्रशांत विहार में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर रेड करने पहुंचे गिरोह की साजिश कारोबारी के सूझबूझ से नाकाम हो गई। मामला 11 अगस्त का है, जब दो महिलाओं और आठ पुरुषों समेत 10 लोगों की कथित फर्जी सीबीआई टीम फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल के घर पहुंची। उस वक्त घर पर कारोबारी और उनकी मां ही मौजूद थीं। टीम को देखकर प्रथम अग्रवाल को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खोलने के बजाय शोर मचा दिया, जिसके बाद आसपास के लोगों के आने की आशंका को देखते हुए कथित फर्जी अधिकारी वहां से भाग निकले। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिला और टीम के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
दिल्ली में पहले भी फर्जी जांच एजेंसी बनकर ठगी के मामले
दिल्ली में फर्जी CBI अधिकारी बनकर कारोबारी के घर रेड करने के मामले ने एक बार फिर ऐसे गिरोहों की ओर ध्यान खींचा है, जो खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते हैं। राजधानी में इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
करोल बाग में फर्जी ED टीम बनकर पहुंचे थे बदमाश
कुछ समय पहले करोल बाग के एक बड़े कारोबारी के यहां बदमाश कथित तौर पर फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम बनकर पहुंचे थे। आरोपियों ने जांच एजेंसी के अधिकारी होने का दावा करते हुए कारोबारी के घर पर कार्रवाई का डर दिखाया और करोड़ों रुपये के जेवर और नकदी लूटने की कोशिश की थी।
रोहिणी में कस्टम-विजिलेंस अधिकारी बनकर ठगी
वहीं, रोहिणी इलाके में ही खुद को कस्टम और विजिलेंस विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर आयात-निर्यात कारोबारियों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भी खुलासा हो चुका है। आरोप है कि गिरोह ने सरकारी अधिकारी होने का रौब दिखाकर कारोबारियों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी।
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