कुमार इंदर, जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर को नशे का गढ़ बनाने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश का पुलिस और क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार पर हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद, अब पुलिस ने अफीम, डोडा चूरा और गांजे की एक बहुत बड़ी खेप को जब्त करने में सफलता हासिल की है। इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के तार पंजाब के भटिंडा और उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं।
चार थाना क्षेत्रों में एक साथ ‘स्ट्राइक’
दरअसल जबलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर शहर के चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस ने कटंगी, माढ़ोताल, भेड़ाघाट और तिलवारा थाना इलाकों में एक साथ तस्करों के ठिकानों पर शिकंजा कसा। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 30 किलो अफीम डोडा चूरा और 12 किलो अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। अफीम डोडा चूरा के मामले में पुलिस ने 3 तस्करों को दबोचा है, जबकि गांजे की तस्करी में लिप्त 4 अन्य सौदागरों को गिरफ्तार किया गया है। कुल मिलाकर करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पंजाब के भटिंडा से आई थी खेप, UP में छापेमारी
जबलपुर पुलिस के एडिशनल एसपी (क्राइम) जितेंद्र सिंह और डीएसपी (क्राइम) उदयभान बागरी के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि नशे की यह बड़ी खेप पंजाब के भटिंडा से जबलपुर भेजी गई थी, जिसे यहां खपाया जाना था। इस मादक पदार्थों की तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क (Inter-State Network) का पूरी तरह से खुलासा करने के लिए जबलपुर पुलिस की विशेष टीमें उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के मुख्य सरगना यूपी और पंजाब में छिपे हैं, जिन्हें दबोचने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।


