कुंदन कुमार, पटना। बिहार में एनडीए सरकार के एक साल पूरा हाने पर पीएम नरेंद्र मोदी छठ बाद वैशाली दौरे पर आएंगे। राजापाकड़ थाना क्षेत्र के जाफरपट्टी औद्योगिक क्षेत्र में पीएम मोदी आयोजित एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री बिदुपुर पुल, गंगा नदी की गाद और औद्योगिक विकास को लेकर नई घोषणाएं कर सकते हैं। पीएम मोदी के रैली को देखते हुए बीजेपी अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है।

संजय सरावगी ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी कल बुधवार को वैशाली पहुंचे थे, जहां उन्होंने कार्यक्रम स्थल जाफरपट्टी औद्योगिक क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही तैयारियों का अवलोकन करने के साथ ही मौजूद अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिया।

कार्यक्रम स्थल का जायजा लेने के बाद संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित कार्यक्रम बिहार के लिए महत्वपूर्ण है। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और बिहार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम से क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के प्रति नई ऊर्जा का संचार होगा।

‘नदी संजीवनी’ को लेकर हुआ है समझौता

गौरतलब है कि हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी ने दो दिनों तक दिल्ली में रहकर कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी। इस दौरान बिहार के विकास और विभिन्न योजनाओं को लेकर विस्तार से बातचीत हुई थी। दौरे पर सीएम सम्राट और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में ‘नदी संजीवनी’ योजना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया था।

इस समझौते के तहत बिहार की 27 सड़क परियोजनाओं में करीब 835 लाख घन मीटर गाद के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। वहीं, फिलहाल निर्माणाधीन 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 243 लाख घन मीटर गाद मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी।

‘नदी संजीवनी’ कार्यक्रम के तहत हुए इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य बिहार की नदियों एवं अन्य जलस्रोतों में जमा गाद का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना, नदियों से गाद हटाकर उनका पुनर्जीवन करना तथा निकाली गई गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों एवं अन्य सड़क निर्माण में करना है।

इस व्यवस्था के तहत नदियों से निकाली गई गाद को सड़क निर्माण की वैकल्पिक सामग्री के रूप में उपयोग किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जहां भी गाद की आवश्यकता होगी, वहां बिहार सरकार नियमानुसार खनन लाइसेंस उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी। इससे नदियों की जलधारण एवं जलप्रवाह क्षमता में भी सुधार होगा।

नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें

यह समझौता बिहार जल स्रोत जीर्णोद्धार एवं गाद (सिल्ट) प्रबंधन नीति, 2026 के तहत की गई है। जिसका उद्देश्य गहरी नदियां, मजबूत सड़कें और समृद्ध बिहार’ है। गाद के उपयोग से प्राकृतिक ऊपरी मिट्टी (topsoil) के दोहन में कमी आएगी और नदी पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार होगा। बिहार में 58,340 करोड़ रूपये के निवेश के साथ NHAI की 39 परियोजनाएं (कुल 1,561 कि0मी0) निर्माणाधीन हैं तथा 1,85,200 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत वाली 11 नई परियोजनाएं (1,982 कि०मी०) प्रस्तावित हैं। इस MoU के तहत 243 लाख क्यूबिक मीटर मुफ्त गाद का उपयोग 16 चालू राजमार्ग परियोजनाओं में किया जाएगा। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए विभिन्न नदियों पर 29 नए पुल निर्माणाधीन है।

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