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सुनील शर्मा, भिंड। इंदुरखी जहरीली शराब कांड (spurious liquor scandal) में बड़ा खुलासा हुआ है। जहरीली शराब से मृतक के भाई ने ये खुलासा किया है। मृतक के भाई ने कहा कि भिंड के स्वतंत्र नगर में 4 दिन पहले 1000 क्वार्टर शराब बनाकर आए हैं। ये जहरीली शराब कहां-कहां सप्लाई की गई है, किसी को कुछ नहीं पता है। मृतक और गांव के कुछ लोग पांच 500-500 रुपये में जहरीली शराब बनाने जाते थे। वहीं मृतक के भाई के इस खुलासे से जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। अगर जल्द ही जहरीली शराब को जब्त नहीं किया गया तो भिंड में बिहार वाला हाल हो सकता है। यहां जहरीली शराब पीने से लाशें बिछ सकती है।

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भिंड जिले में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला जारी है। इंदुर्खी गांव में बीते चार दिनों में चार लोगों की बलि चढ़ चुकी है। जबकि 6 लोगों का ग्वालियर में भी इलाज चल रहा है। जिनंमे एक की हालात गंभीर है। जहां अब तक गांव वाले इस बारे में जानकारी छिपा रहे थे, वहीं पुलिस भी ज़हरीली शराब के संबंध को नकारती आरही है। अब बड़ा खुलासा होता नज़र आ रहा है।

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लाल घेरे में मृतक का भाई, जिसने बड़ा खुलासा किया है

 

साल भर पहले  एक दर्जन से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी 
साल भर पहले जिले के रौन, लहार और भिंड इलाकों में एक दर्जन से ज़्यादा लोगों की मौत ज़हरीली शराब से हुई थी। मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा लेकिन जल्द सब ठंडे बस्ते में चल गया था। 8 महीने बाद एक बार फिर ज़िले में जहरीली शराब से मौत का तांडव शुरू हो गया है। इंदुर्खी गांव में में दो दिन पहले हुई दो सगे भाइयों मनीष और छोटू जाटव की मौत के बाद सोमवार को भी युवक पप्पू जाटव की मौत हुई थी। मंगलवार सुबह फिर एक अधेड़ जिसका नाम संतोष बताया गया की मौत हो गई। इन चारों लोगों की मौत में एक सामान्य बात थी चारों की में ही तबीयत अचानक बिगड़ी और कुछ घंटों में ही उनकी मौत हो गई।

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जहरीली शराब से मौत पर पल्ला झाड़ रही पुलिस 

वहीं मामले में पुलिस यह कह कर पल्ला झाड़ रही थी कि उनके द्वारा कराए गए मेडिकल में सभी की हालत बिलकुल सामान्य थी। हालांकि सूत्रों से यह बात सामने आई है कि अलग-अलग तरह से सभी ने शराब पिता था। जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ी थी। लेकिन किसी दबाव से या डर से कोई भी ग्रामीण यह बात बोलने को तैयार नही था। पुलिस ने शुरुआती दोनों भाइयों की मौत के बाद बिसरा जांच करने की बात भी कही थी।

Lalluram.Com की टीम पहुंची गांव 

मंगलवार सुबह जब संतोष की मौत की खबर आई तो Lalluram.Com इंदुर्खी  गांव पहुंचकर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। वहां पहुंचने पहले तो इस मामले में कोई भी ग्रामीण कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। करीब घंटे भर बाद भिंड कलेक्टर सतीश कुमार (Bhind Collector Satish Kumar)  और भिंड एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ( Bhind SP Shailendra Singh Chauhan) भी इंदुर्खी पहुंचे। दोनों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उनसे बातचीत में जब किसी तरह की कोई भी कानूनी कार्रवाई न किये जाने का आश्वासन दिलाया गया तो तीनों पीड़ित परिवारों ने यह स्वीकार किया कि मृतकों ने मरने से पहले शराब पी थी।

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SP ने भी यह शराब पीने की बात स्वीकारी 

मीडिया से चर्चा के दौरान SP ने भी यह बात स्वीकार किया की परिजनों ने बताया है कि, मनीष और छोटू दोनों ने ही गुरुवार को भिंड से आये थे। दिन भर ठीक थे। शुक्रवार रात घर आये थे दोनों ने शराब पी रखी थी फिर उनकी तबीयत खराब हुई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते मे उनकी मौत हो गई। वहीं मृतक पप्पू जाटव के परिजनों ने भी बताया कि वह शुक्रवार रात दो क्वार्टर शराब लेकर आया था। उसने पप्पू को दिए थे लेकिन मनीष और छोटू की मौत की खबर सुनकर वह वापस गया तो सुबह एक क्वार्टर फैला हुआ था और दूसरा पप्पू ने उसे वापस कर दिया था। उसके बाद रविवार देर रात में उसकी तबियत बिगड़ी उसने पीठ के पास तेज़ दर्द की बात बताई जो संभवतह किडनी की वजह से हो सकता था। परिजन जिला अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी सासें उखड़ चुकी थी। मंगलवार सुबह हुई संतोष की मौत के बाद परिजन बताया कि वह शराब का सेवन करता था। उसकी भी अचानक तबीयत बिगड़ी उसे दिखना बंद हुआ और उसकी मौत हो गई। इस पूरी जानकारी के आधार पर पुलिस ने गांव में सर्चिंग आपरेशन भी चलाया। पुलिस अब भी मनीष छोटू और पप्पू और संतोष के मामले अलग अलग मान रही थी।

शराब पीने के बाद आंखों से दिखना हुआ बंद 

इसी बीच शराब के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ने से ग्वालियर में भर्ती 6 और लोगों में सबसे गंभीर रतिराम से फ़ोन पर बातचीत हुई पुलिस के सामने हुई बात के दौरान रतिराम ने बताया कि उसे आंखों से दिखना पूरी तरह बंद हो गया है। उसने यह भी बताया कि उसने तबियत बिगडने से पहले क्वार्टर वाली शराब पी थी। उसने बताया कि संतोष दो क्वार्टर ले कर आया था। जिसमें से एक संतोष और दूसरा रतिराम ने पिया था। संतोष की मौत हो चुकी है और रतिराम की हालत भी गंभीर है।

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मृतक के भाई की जुबानी पुरी कहानी 

इस पूरे मामले में बड़ा खुलासा किया मृतक पप्पू जाटव के भतीजे लाखन जाटव ने। लखन ने हैरान करने वाली जानकारियां दी। लाखन ने बताया कि गांव के पूर्व सरपंच छिट्टू का बेटा गोलू भिंड के स्वतंत्र नगर में एक किराये के मकान में अवैध शराब का निर्माण करता है। जिसके लिए वह गांव के कुछ युवकों को अपने साथ ले जाता था। खुद लाखन उसके साथ 13 जनवरी को तीसरी बार अवैध शराब निर्माण और पैकिंग के लिए गया था। उसके साथ ही मनीष और उसका भाई छोटू , शिवसिंह और छोट्टे नाम के युवक भी गए थे । पांचों ने मिलकर शराब का निर्माण कर पैक किया  था। जिसके बदले उन्हें 500-500 रुपये मिले थे। साथ ही चारों को 2-2 शराब के क्वार्टर , और मनीष को 4 क्वार्टर दिए थे। उसने बताया कि रास्ते मे मनीष और शिवसिंह ने पहले शराब पी थी। बाद में मनीष के भाई छोटू ने और छिट्टे ने भी शराब पिए थे। चूंकि लाखन खुद शराब नही पिता था इसलिए उसने अपने घर लेकर क्वाटर रख लिया। 15 जनवरी को सुबह उसे पता चला कि छोटू ओर मनीष की तबीयत खराब होने से मौत हो गई है। वहीं शिवसिंह भी ग्वालियर में भर्ती है। उसने जब अपने चाचा से शराब बारे में पूछा। उनके पास एक क्वार्टर फैला हुआ था और दूसरा पैक रखा था। पप्पू ने बताया की उस पर एक क्वार्टर फैल गया था दूसरा क्वार्टर उसने वहां से हटा दिया था,लेकिन दूसरे दिन पप्पू की भी मौत हो गई। लाखन ने इस बात का भी खुलासा किया कि  भिंड में उन लोगों ने उस दिन 1000 क्वार्टर शराब तैयार की थी। उन्ही का सेवन इन चारों ने भी किया था, जो शायद ज्यादा ओपी मिलने की वजह से ज़हरीली हो गई होगी। इस पूरे खुलासे में जहां पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। अभी जहां पुलिस 4 मौत के बाद 6 बीमारों को बचाने और गांव में स्वास्थ्य चेकअप के लिए शिविर लगाने का काम कर रही है। वहीं लाखन ने ऐसे एक हज़ार क्वार्टर बनाए जाने की बात का खुलासा किया है।  जो पुलिस की पहुंच से दूर है।दुर्खी के अलावा ये क्वार्टर अब तक सैकड़ों लोगों के पास पहुच चुके होंगे। ऐसे में यह कहना गलत नही होगा की इन ज़हरीले शराब क्वार्टर से सैकड़ों लोगों की जान का खतरा मंडरा रहा है

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