कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने सोमवार (11 मई) को कहा कि सरकार को तुरंत संसद सत्र बुलाना चाहिए। ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को और अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई 7 अपीलों के बारे में देश को जानकारी दी जा सके। इन अपीलों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आए “बहुत गंभीर निर्देश” बताते हुए कांग्रेस नेता ने X पर लिखा, “इन अपीलों की वजह क्या है?

भारत को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों से 7 अपीलें कीं, जिनमें वर्क फ्रॉम होम और स्वदेशी चीजों को अपनाना शामिल है. मौजूदा हालात की असलियत के बारे में बताना चाहिए, जिनकी वजह से ये ‘अपीलें’ करना जरूरी हो गया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक संकट पर की गई 7 अपीलों पर कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार को तुरंत संसद का सत्र बुलाना चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई ‘सात अपीलों’ के बारे में देश को जानकारी दी जा सके. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यालय से बहुत गंभीर निर्देश आए हैं इनका कारण क्या है?

उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत संसद का सत्र बुलाना चाहिए, देश को भरोसे में लेना चाहिए और हमें मौजूदा हालात की असलियत के बारे में बताना चाहिए, जिनकी वजह से ये अपील करना जरूरी हो गया है. उन्होंने MyGov की एक पोस्ट का जवाब सोशल मीडिया एक्स पर दिया.

MyGov की पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात अपीलें बताई गई थीं . इन अपीलों को मुश्किल वैश्विक समय में भारत को मज़बूत बनाने के लिए बताया गया. MyGov की इस पोस्ट का शीर्षक है राष्ट्र सबसे पहले, कर्तव्य आराम से ऊपर!

इसमें PM मोदी की नागरिकों से की गई अपील का जिक्र था कि जहां भी मुमकिन हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता दें, ईंधन की खपत कम करें, एक साल तक विदेश यात्रा से बचें, स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल कम करें, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें और बेवजह सोने की खरीदारी कम करें.

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, “यह बेहद शर्मनाक, लापरवाही और सरासर अनैतिकता है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं।”

उनकी यह टिप्पणी PM मोदी द्वारा इस बात पर जोर देने के बाद आई है कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने की कोशिश कर रही है।

कार्ति चिंतबंरम का बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान ने अमेरिका समर्थित ‘नौ-सूत्रीय शांति योजना’ का मुकाबला करने के लिए एक ’14-सूत्रीय योजना’ तैयार की है. मीडिया रिपोर्स्ट के मुताबिक, ईरानी प्रस्ताव में तीन चरणों वाले एक रोडमैप की रूपरेखा दी गई है. इसमें 30 दिनों का एक ऐसा चरण शामिल है, जिसे अस्थायी संघर्ष-विराम को दोनों देशों की दुश्मनी को स्थायी रूप से बदलने के लिए डिजाइन किया गया है.

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