अमृतसर. पंजाब में धार्मिक बेअदबी की घटनाओं को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है। इन मामलों में जांच और सजा में देरी से न केवल लोगों में रोष है, बल्कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। धामी ने कहा कि बेअदबी के दोषियों को कम से कम मृत्युदंड की सजा दी जानी चाहिए।
कड़े कानून की जरूरतधामी ने बताया कि 2015 के बाद शिरोमणि अकाली दल की सरकार ने धारा 295-ए में संशोधन कर बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया था। इसके बावजूद श्री हरमंदिर साहिब सहित अन्य बेअदबी की घटनाओं की ठोस जांच नहीं हुई और न ही किसी दोषी को सजा मिली। उन्होंने जोर देकर कहा कि न केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब या गुटका साहिब की बेअदबी, बल्कि सिख ककारों (पांच ककार) की बेअदबी करने वालों को भी कड़ी कानूनी सजा मिलनी चाहिए.

धामी ने पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा के विशेष सत्र में लाए जा रहे बिल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल सियासी दिखावा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके जरिए असल दोषियों को सजा सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से धार्मिक मामलों में नियमों की पालना करने की अपील की।गुरु तेग बहादुर की 350वीं शताब्दीधामी ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शताब्दी समारोह को लेकर भी सरकार को सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शिरोमणि कमेटी और सिख संगठनों का अधिकार है। सरकार को अलग समारोह आयोजित करने के बजाय इन संगठनों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को शिरोमणि कमेटी सभी सिख संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी, जिसमें शताब्दी समारोह से जुड़े अहम फैसले लिए जाएंगे।
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