० रिमांड का तीसरा दिन, परीक्षा एजेंसी TDPL और अधिकारियों की भूमिका खंगाल रही जांच टीम

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों से सीआईडी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस रिमांड के तीसरे दिन जांच एजेंसी ने सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की पूरी कड़ी सामने आ सके।

सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी ने जेपीएससी की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के निदेशक रामवीर सिंह, कर्मचारी उस्मान, एबाद और मार्केटिंग अधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी से गहन पूछताछ की।

जांच का केंद्र फिलहाल परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा संचालन के दौरान निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर नियमों को दरकिनार कर अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया गया।


आरोपियों के खिलाफ इन गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज
मामले में सीआईडी ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक न्यासभंग, धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा आपराधिक षड्यंत्र की धारा भी जोड़ी गई है, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।


डिजिटल साक्ष्यों की भी हो रही जाँच
जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन पड़ताल कर रही है। जब्त की गई कंप्यूटर हार्ड डिस्क, ई-मेल रिकॉर्ड, फाइल मूवमेंट और आंतरिक संचार की जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।

पूछताछ में कई नए नाम सामने

इससे पहले सीआईडी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के आवास और उनके कार्यालय कक्ष में भी छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर चुकी है।सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान हो रही पूछताछ में कई नए नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।