दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho को निर्देश दिया है कि वह उन प्रोडक्ट लिस्टिंग को हटाए, जिन पर अमेरिकी अंडरगारमेंट ब्रांड Jockey के ट्रेडमार्क के कथित उल्लंघन का आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब Jockey ने अदालत का रुख करते हुए दावा किया कि Meesho पर ऐसे प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं जिनके नाम या ब्रांडिंग उनके ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। कोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई के बाद Meesho को निर्देश दिया कि वह ऐसी सभी संदिग्ध लिस्टिंग हटाए और यह सुनिश्चित करे कि प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह का ट्रेडमार्क उल्लंघन न हो।

इस मामले में कोर्ट ने 29 मई को अंतरिम आदेश जारी किया था। आदेश देते हुए जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि Jockey ने प्रथम दृष्टया उन विक्रेताओं के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन का मामला साबित किया है, जो कंपनी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल कर प्रोडक्ट बेच रहे थे। Jockey ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि Meesho के प्लेटफॉर्म पर ऐसे उत्पादों की लिस्टिंग की गई है, जिनके नाम और ब्रांडिंग कंपनी के ट्रेडमार्क से समानता रखते हैं। कंपनी ने दावा किया कि इससे ग्राहकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और उसके ब्रांड अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

कोर्ट ने कहा कि जब दो ब्रांडों के नाम एक जैसे या मिलते-जुलते हों और दोनों का ग्राहक वर्ग व बाजार एक ही हो, तो उपभोक्ताओं के बीच भ्रम पैदा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले में Jockey ने आरोप लगाया था कि Meesho पर कुछ विक्रेता ऐसे उत्पादों की लिस्टिंग कर रहे थे, जिनके नाम कंपनी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते हैं।

अंडरगारमेंट ब्रांड Jockey ने इस मामले में जनवरी में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अदालत में आरोप लगाया कि उसके रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते नाम वाले कई प्रोडक्ट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किए जा रहे हैं। Jockey की ओर से कोर्ट को बताया गया कि “JOYKE”, “JOYEBEE”, “JOYESS” और “JOJOKE” जैसे नामों वाले उत्पाद उसके ट्रेडमार्क से समानता रखते हैं और इससे ग्राहकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। कंपनी ने अपनी निजी जांच का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि ट्रेडमार्क उल्लंघन करने वाली एक कंपनी ने कथित तौर पर इसी तरह के नाम से ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

 ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में Jockey की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया कि Meesho ने अदालत के आदेश के बिना कथित रूप से ट्रेडमार्क उल्लंघन करने वाले प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग हटाने से इनकार कर दिया था। कंपनी की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि जिन विक्रेताओं पर ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, उन्हें इस गतिविधि को रोकने और संबंधित प्रोडक्ट हटाने के लिए पत्र भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर उन नोटिस को नजरअंदाज कर दिया।

Meesho को 36 घंटे में हटानी होंगी उल्लंघन वाली लिस्टिंग

दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में Meesho को निर्देश दिया है कि वह अदालत के आदेश मिलने के 36 घंटे के भीतर अपने प्लेटफॉर्म से Jockey के ट्रेडमार्क का कथित उल्लंघन करने वाले प्रोडक्ट्स के यूआरएल ब्लॉक करे। कोर्ट ने मामले में अंतरिम आदेश जारी करते हुए Meesho से यह भी कहा है कि वह आदेश मिलने के चार हफ्ते के भीतर उन विक्रेताओं और कंपनियों की जानकारी उपलब्ध कराए, जिनके प्रोडक्ट्स पर ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप है। Jockey ने अदालत में आरोप लगाया था कि Meesho समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उसके रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते नामों वाले उत्पादों की लिस्टिंग की जा रही है, जिससे ग्राहकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

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