पंजाब सरकार ने जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 108 कैदियों को उनके अच्छे आचरण के आधार पर समय से पहले रिहा करने की मंजूरी दी है।
राज्य के जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने एक बयान में बताया कि यह निर्णय उन बंदियों को पुनर्वास का अवसर देने की दृष्टि से लिया गया है, जिन्होंने अपने कारावास के दौरान अच्छा व्यवहार किया।
भुल्लर ने कहा, “यह फैसला राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत अच्छे आचरण वाले और समय से पहले रिहाई के मापदंडों को पूरा करने वाले कैदियों को दूसरा मौका दिया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो न्याय व्यवस्था को केवल दंड तक सीमित नहीं रखती, बल्कि व्यक्ति के पुनर्स्थापन और समाज में उसके पुनः एकीकरण की दिशा में भी काम करती है।

मंत्री ने कहा कि इन कैदियों की रिहाई से न्याय व्यवस्था में एक मानवीय और अधिक प्रभावी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।
भुल्लर ने बताया कि जेलों में कैदियों और उनके परिवारों एवं वकीलों के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए करीब 800 ‘कॉलिंग सिस्टम’ लगाए गए हैं, ताकि वे अवैध मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने कहा कि क़ैदियों को नि:शुल्क कॉलिंग सेवा भी प्रदान की जा रही है जिसके तहत वे हर 15 दिन में 10 मिनट तक अपने परिवार और वकीलों से बातचीत कर सकते हैं।
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