Punjab and Haryana High Court Verdict: चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दैनिक वेतन, कांट्रैक्ट और एडहॉक आधार पर वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हरियाणा सरकार को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने कर्मचारियों के नियमितीकरण से इनकार करने वाले आदेशों को रद्द कर दिया है और साफ निर्देश दिए हैं कि 1993, 1996, 2003 और 2011 की राज्य नीतियों के तहत सभी पात्र कर्मचारियों को नियमित किया जाए. साथ ही नियमितीकरण से जुड़े सभी परिणामी लाभ और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित बकाया राशि आठ सप्ताह के भीतर जारी करने के आदेश दिए गए हैं.

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Punjab and Haryana High Court Verdict
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31 दिसंबर 2025 का यह फैसला समान तथ्यों वाले सभी लंबित मामलों पर लागू होगा. जस्टिस संदीप मोदगिल ने फैसले में स्पष्ट कहा कि कोई भी कल्याणकारी राज्य अपने नागरिकों को स्थायी असुरक्षा में रखकर उनकी सेवाओं का अनिश्चितकाल तक लाभ नहीं उठा सकता. अदालत ने माना कि यह मामला केवल सेवा शर्तों का नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है.

कोर्ट ने प्रशासनिक विवेक के नाम पर न्यायिक हस्तक्षेप से बचने की दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब राज्य की नीति से असमान और अन्यायपूर्ण परिणाम सामने आते हैं, तब अदालत का हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है.

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