हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने. उन्होंने व्यापार और उद्योग को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताएं बताईं.

हल्द्वानी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित कार्यक्रम में व्यापार मंडलों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे.

व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ मंडी शुल्क, अतिक्रमण, पार्किंग, लीज नवीनीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़े मुद्दे उठाए. स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई.

व्यापारियों को बताया रीढ़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक उत्तराखंड की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि किराना और रिटेल कारोबारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया.

सीएम धामी ने व्यापारी वर्ग को देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्हें “ब्रांड इंडिया” का सच्चा राजदूत भी बताया.

सिंगल विंडो पर सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है. वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था भी की गई है. सीएम ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है.

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उद्योगों को बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि नए उद्योग स्थापित हों और रोजगार के अवसर बढ़ें.

स्टार्टअप पर जोर

युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके.

स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “मेड इन उत्तराखंड” को देश और दुनिया में मजबूत ब्रांड बनाने का प्रयास किया जा रहा है.