राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच अब सियासत भी तेज हो गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Sirsa) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और पंजाब की भगवंत मान (Bhagwant Mann) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में लगातार पराली जलाई जा रही है, लेकिन राज्य सरकार विज्ञापनों के जरिए वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश कर रही है। सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष रीना गुप्ता (Reena Gupta) की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं।
पंजाब में पराली जलाने के मामलों को लेकर सरकार पर निशाना
मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पराली नहीं जलने का दावा करने वाले विज्ञापनों पर करीब 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जबकि दूसरी ओर पराली जलाने के मामलों में किसानों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं। सिरसा ने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की एक हजार से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पराली जलाने से जुड़े मामलों की जिला-वार FIR की प्रतियां दिखाने का भी दावा किया। उनका आरोप है कि पंजाब पुलिस और सरकारी अधिकारी पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के बजाय उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं।
रीना गुप्ता की नियुक्ति पर उठाए सवाल
मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष रीना गुप्ता की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रीना गुप्ता दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता रही हैं और उन्हें अरविंद केजरीवाल की रिश्तेदार बताया जाता है। सिरसा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने केजरीवाल के इशारे पर उन्हें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
‘पहले वैज्ञानिक और IAS अधिकारी संभालते थे जिम्मेदारी’
सिरसा ने कहा कि रीना गुप्ता से पहले पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पर्यावरण वैज्ञानिक, वरिष्ठ IAS अधिकारी और विशेषज्ञ नियुक्त होते रहे हैं। लेकिन अब एक राजनीतिक पार्टी की प्रवक्ता को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दे दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक नियामक संस्था को अब ऐसी संस्था में बदल दिया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के बजाय राजनीतिक पार्टी के नैरेटिव और प्रचार को मैनेज करने का काम कर रही है।
‘पंजाब सरकार दिल्ली की हवा खराब कर रही’
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार पूरे साल प्रदूषण से निपटने के लिए प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं जारी हैं और सरकार विज्ञापनों तथा कथित फर्जी आंकड़ों के जरिए वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश कर रही है। सिरसा का आरोप है कि पंजाब में पराली जलने से निकलने वाला धुआं दिल्ली-NCR की हवा को भी प्रभावित करता है। ऐसे में पंजाब सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
स्मॉग टावर और ऑड-ईवन योजना पर भी साधा निशाना
सिरसा ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगाया गया स्मॉग टावर दो साल भी नहीं टिक पाया। वहीं, ऑड-ईवन जैसी योजनाएं भी प्रदूषण नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल नहीं रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर राजनीति करती रही, जबकि पंजाब में सरकार होने के बावजूद पराली जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाई।
किसानों को मदद के बदले मिलीं FIR
मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पराली जलाने की घटनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर को पूरे पंजाब में आधिकारिक तौर पर पराली जलाने की 96 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इनमें से अकेले तरनतारन पुलिस ने उसी दिन पराली जलाने के मामलों में 90 FIR दर्ज की थीं। सिरसा के मुताबिक, 24 से 31 अक्टूबर के बीच तरनतारन में कुल 271 FIR दर्ज की गईं, जिनमें से 189 किसानों के खिलाफ पराली जलाने से संबंधित थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने सरकार से पराली प्रबंधन के लिए मशीनें और दूसरी सुविधाएं मांगी थीं, लेकिन उन्हें मदद देने के बजाय मुकदमे दिए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पंजाब पुलिस नशा तस्करों के पीछे भी इसी जोश के साथ पड़ती, तो पंजाब वास्तव में ‘रंगला पंजाब’ बन जाता।
‘पहले वैज्ञानिक और IAS अधिकारी संभालते थे जिम्मेदारी’
सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष रीना गुप्ता की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रीना गुप्ता दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता रही हैं और उन्हें अरविंद केजरीवाल की रिश्तेदार बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने केजरीवाल के इशारे पर उन्हें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। सिरसा के मुताबिक, इससे पहले इस पद पर पर्यावरण वैज्ञानिक, वरिष्ठ IAS अधिकारी और विशेषज्ञ नियुक्त होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण नियामक संस्था को राजनीतिक पार्टी के नैरेटिव और प्रचार को मैनेज करने वाली संस्था में बदल दिया गया है। सिरसा ने इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
स्मॉग टावर और ऑड-ईवन योजना पर भी उठाए सवाल
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगाया गया स्मॉग टावर दो साल भी नहीं टिक पाया। वहीं, ऑड-ईवन जैसी योजनाएं भी प्रदूषण नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल नहीं रहीं। सिरसा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने 10 साल के शासन में दिल्ली की हालत खराब कर दी और अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मौजूदा सरकार राजधानी की हवा को साफ करने के लिए लगातार काम कर रही है।
’10 साल में दिल्ली को बर्बाद कर गए’
सिरसा ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली के साथ अन्याय नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली का प्रदूषण लगातार कम हो रहा है और राजधानी के लोग भी इस लड़ाई में सरकार का साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं और प्रदूषण कम करने के लिए मिलकर प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं बंद होनी चाहिए।
‘पंजाब में पराली जलाना बंद कीजिए’
मनजिंदर सिरसा ने आरोप लगाया कि दिल्ली की हवा पिछले एक साल से साफ रहने की दिशा में बेहतर हो रही थी, लेकिन पंजाब में पराली जलाने के कारण एक बार फिर राजधानी में प्रदूषित हवा पहुंच रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से पराली जलाने पर प्रभावी रोक लगाने और किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। सिरसा के इन बयानों के बाद दिल्ली और पंजाब की सरकारों के बीच प्रदूषण को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
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