पटना/ कुंदन कुमार। वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण दुर्घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस हादसे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ताओं और नेताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।

​जर्जर नाव न बदलने पर भड़के एजाज अहमद

​राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को अत्यंत बताते हुए कहा कि यह हादसा पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग लंबे समय से गुहार लगा रहे थे कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई नाव बेहद जर्जर हो चुकी है और उसे तुरंत बदला जाना चाहिए। इसके बावजूद अधिकारियों और पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की बात पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हो गया। एजाज अहमद ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में संज्ञान लेते हुए दोषी और लापरवाह अधिकारियों को तुरंत पद से हटाना चाहिए और उन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

​विधायक भाई वीरेंद्र का आरोप

​उधर, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देश में कानून तो बनते हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं होता। इतनी देर रात नाव कैसे चल रही थी और ग्रामीणों की मांग के बावजूद जर्जर नाव को क्यों नहीं बदला गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
​इसके साथ ही एक सवाल के जवाब में उन्होंने देश के राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरा विपक्ष और युवा वर्ग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे अपने अनवरत आंदोलन को जारी रखें और चुनाव में हुई कथित धांधली व गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएं।