सिरसा: एक नाबालिग छात्रा को शादी के लिए प्रताड़ित करने और उसे ब्लैकमेल कर आत्महत्या के कगार पर धकेलने वाले आरोपी राहुल को कानून ने उसके किए की सख्त सजा दी है। सिरसा की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के न्यायाधीश डॉ. नरेश सिंघल की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी राहुल को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है, और साफ निर्देश दिए हैं कि जुर्माने की यह पूरी राशि आर्थिक और मानसिक रूप से पीड़ित बेटी को मुआवजे के तौर पर दी जाए।
परीक्षा के दौरान हुई मुलाकात बनी जी का जंजाल
यह पूरा मामला 10 फरवरी 2023 से शुरू हुआ था। डबवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता उस समय दसवीं कक्षा की छात्रा थी। बोर्ड परीक्षा देने के लिए सिरसा आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात राहुल नाम के युवक से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। लेकिन राहुल ने जल्द ही इस बातचीत का नाजायज फायदा उठाना शुरू कर दिया और छात्रा पर शादी करने का अनुचित दबाव बनाने लगा।
धमकी से तंग आकर छात्रा ने उठाया था आत्मघाती कदम
जब पीड़िता ने राहुल के विवाह प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया, तो वह अपनी हरकतों पर उतर आया। उसने छात्रा को डराना-धमकाना शुरू किया कि यदि उसने शादी नहीं की, तो वह उनके बीच हुई बातचीत और मुलाकातों की जानकारी उसके परिजनों को दे देगा। राहुल की इस मानसिक प्रताड़ना और बदनामी के डर से घबराकर नाबालिग छात्रा इतनी गहरे तनाव में चली गई कि उसने घर पर जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जान देने की कोशिश की।
अदालत में साबित हुए गुनाह, पॉक्सो एक्ट के तहत हुई सजा
छात्रा के बयान और शिकायत के आधार पर डबवाली थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 354डी, 376 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने पीड़िता की काउंसिलिंग कराई, पुख्ता मेडिकल साक्ष्य जुटाए और अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर राहुल को मुजरिम करार देते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया।
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