लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के मुद्दों को लेकर 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होंगे। दौरे से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा कि छात्रों की मेहनत में कमी नहीं है, बल्कि सिस्टम की नीयत खराब है।
सतीश सिंह, लखनऊ। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर युवाओं और छात्रों के मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं। प्रयागराज दौरे से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर प्रतियोगी छात्रों के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत में कोई कमी नहीं है, बल्कि समस्या उस सिस्टम की है जो उन्हें उनकी मेहनत का हक नहीं दे रही।
मौजूदा व्यवस्था पर साधा निशाना
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने प्रयागराज को देश का ऐसा शहर बताया, जहां सबसे ज्यादा युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां का हर छात्र जानता है कि मौजूदा व्यवस्था ईमानदारी से काम नहीं कर रही है। उनके मुताबिक, युवाओं की मेहनत पर पेपर लीक, वर्षों तक लंबित भर्तियां और जवाबदेही की कमी लगातार भारी पड़ रही है।
छात्र आंदोलनों का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल के दिनों में कोटा, देहरादून और दिल्ली में छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वाले छात्रों पर लाठियां चलाई गईं, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के कारण आखिरकार एक केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। राहुल ने दावा किया कि जब युवा एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है।
‘छात्रों की गूंज’ में शामिल होने की अपील
इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस इसे युवाओं के अधिकारों की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, जबकि भाजपा सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और रोजगार सृजन को अपनी प्राथमिकता बता रही है।


