Rahul Gandhi Upset With Kanhaiya Kumar: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव (DUSU Election) में NSUI की करारी हार के बाद कांग्रेस के भीतर मंथन शुरू हो गया है। जेन-जी अंसतोष के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए DUSU चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाली NSUI को जबरदस्त शिकस्त देकर अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व NSUI सदस्य दीपांशु शौकीन के खाते में गया। USU चुनाव में NSUI की हार से राहुल गांधी बेहद नाराज हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल प्रभारी कन्हैया कुमार और NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की रणनीति पर है। लिहाजा कन्हैया कुमार से राहुल गांधी नाराज हो गए हैं। आने वाले दिनों में कन्हैया और NSUI अध्यक्ष पर गाज गिरना तय है। वहीं राहुल गांधी ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को समीक्षा का निर्देश दिया है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लगातार सफल करार दे रहे थे। इसके बावजूद DUSU चुनाव में NSUI को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिकराहुल गांधी ने कहा कि अनुकूल परिस्थिति होने के बावजूद हारना, छात्र संगठन के पदों पर बैठे/संबंधित लोगों की जिम्मेदारी है। अब केसी वेणुगपाल को DUSU चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा करने और जरूरी कार्रवाई के सुझाव देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, इसकी रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे का फैसला खुद राहुल गांधी करेंगे। सबसे बड़ा सवाल प्रभारी कन्हैया कुमार और NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की रणनीति पर है।

वहीं कन्हैया के करीबियों का कहना है कि, कांग्रेस और बीजेपी के जाट उम्मीदवार एक-दूसरे के सामने नहीं लड़ना चाहते थे। लिहाजा निर्दलीय उपाध्यक्ष जीते जाट दीपांशु शौकीन ने आखिरी मौके पर अध्यक्ष पद पर लड़ने से मना कर दिया, क्योंकि सामने एबीवीपी से जाट उम्मीदवार यश डबास थे। सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता दीपांशु को कांग्रेस में वापस लाना चाहते हैं। वहीं एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया इसके खिलाफ हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि समीक्षा के बाद किसी नेता या पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी। फिलहाल रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिए जाने की बात सामने आई है।

चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन पर समीक्षा

अब समीक्षा में NSUI की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और संगठन के स्तर पर लिए गए फैसलों को देखा जाएगा। केसी वेणुगोपाल, DUSU चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के लिए कथित रूप से स्क्रीनिंग कमेटी न बनाकर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट देने और जीत सकने वाले उम्मीदवारों के बागी होकर चुनाव लड़ने की भी समीक्षा करेंगे। कांग्रेस के मूल संगठन के ही हरियाणा/दिल्ली के दो बड़े नेताओं /NSUI के कई पूर्व पदाधिकारियों की कथित रूप से पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के विरोध में उनकी भूमिका की भी समीक्षा होगी। वीर चतरथ को टिकट दिए जाने और पैनल के संतुलन बिगड़ने और समय रहते उसको ठीक न कर पाने के बिंदु पर भी रिपोर्ट मांगी गई हैष

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