सुप्रिया पांडेय, रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत मकान और जमीन के अधिग्रहण के बाद अपनी समस्याओं का समाधान नहीं होने से परेशान एक किसान अपने मवेशी लेकर रायपुर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। किसान भास्कर चंद्राकर ने परिसर में ही मवेशियों को बांधकर विरोध जताया और अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। उसका कहना है कि लंबे समय से मुआवजे, बिजली मीटर और मवेशियों के रहने की व्यवस्था को लेकर वह परेशान है, लेकिन शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं हो पाया है।

भास्कर चंद्राकर के मुताबिक, भारतमाला परियोजना के लिए उसका घर उजड़ गया। इसके बाद से वह और उसका भाई चार मवेशियों के साथ रहने की समस्या से जूझ रहे हैं। घर उजड़ने के बाद से ही उनकी स्थिति ऐसी है कि उन्हें मवेशियों के लिए भी उचित जगह नहीं मिल पा रही है। इसी समस्या को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए वह कलेक्ट्रेट पहुंचा।

खुले में रहने से बीमार हुआ मवेशी

किसान ने बताया कि घर उजड़ने के बाद से वह करीब एक साल से नंगे पैर घूम रहा है। उसके सामने सबसे बड़ी परेशानी अपने मवेशियों को सुरक्षित जगह पर रखने की है। खुले में रहने के कारण उसके एक मवेशी की तबीयत भी खराब हो गई है। भास्कर का कहना है कि मवेशियों के लिए जल्द से जल्द रहने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें इस तरह खुले में न रहना पड़े।

मुआवजे और बिजली मीटर को लेकर भी परेशानी

भास्कर चंद्राकर ने मुआवजे और बिजली मीटर से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया। उसका कहना है कि इन मुद्दों को लेकर वह लंबे समय से परेशान है और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उसने मवेशियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताने का फैसला किया।

कलेक्टर ने जांच का दिया आश्वासन

किसान के मुताबिक, कलेक्ट्रेट में उसकी कलेक्टर से बात हुई है। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब भास्कर को उम्मीद है कि उसकी समस्याओं पर कार्रवाई होगी और उसे मवेशियों के लिए रहने की उचित जगह मिल सकेगी। साथ ही, वह मुआवजे और बिजली मीटर से जुड़े मामले का भी समाधान चाहता है।

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