हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की मेघालय में हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होगी या नहीं, इसे लेकर शिलांग उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सोनम दोबारा जेल जाएगी या नहीं, यह अदालत का फैसला आने के बाद ही तय होगा।
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न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगडोह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सोनम को दी गई जमानत को निरस्त करने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने जमानत को बरकरार रखने के पक्ष में अपनी बात रखी। सरकार के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस हत्याकांड की सोनम मुख्य आरोपी है। योजना बनाने से लेकर वह मौके पर मौजूद थी। अपना अपराध वह कबूल भी कर चुकी है। सिर्फ प्रकरण दर्ज करते समय हुई टाइपिंग की गलती की वजह से उसे जमानत नहीं दी जा सकती है।
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सोनम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एस. चंदा ने अदालत को बताया कि मामले में विस्तृत लिखित तर्क निर्धारित समय सीमा के भीतर पेश किए जाएंगे। इसके बाद कोर्ट ने मामले में तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया और फैसला सुरक्षित रख लिया। अब सभी की नजरें हाई कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं। अदालत के अंतिम फैसले से यह साफ होगा कि सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहेगी या फिर उसे रद्द किया जाएगा।

