Rajasthan Budget 2025: राजस्थान की भजन लाल सरकार ने बुधवार को अपना दूसरा पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने विभिन्न योजनाओं की घोषणाएं करते हुए सभी वर्गों को साधने की कोशिश की। हालांकि, बजट भाषण के दौरान विधानसभा में कई बड़े नेताओं की अनुपस्थिति सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। जब सरकार बजट पेश कर रही थी, तब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के वरिष्ठ नेता सदन में मौजूद नहीं थे।

सत्ता पक्ष से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा गैरमौजूद रहे, जबकि विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट भी सदन में नजर नहीं आए। वरिष्ठ नेताओं की इस अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल खड़े किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र में सरकार अपने एक साल के विजन और जनता के लिए योजनाओं को प्रस्तुत करती है, ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण होती है। पहले के समय में बजट पेश होते वक्त सभी बड़े नेता सदन में मौजूद रहते थे, जिससे सदन में संतुलित माहौल बना रहता था और अनावश्यक हंगामे से बचा जा सकता था।
विश्लेषकों का यह भी मानना है कि अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे की अनुपस्थिति से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। क्या वे धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से दूरी बना रहे हैं, या फिर यह सिर्फ एक संयोग था? यह सवाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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