Rajasthan Congress: राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच जयपुर शहर कांग्रेस की बैठक संगठनात्मक रणनीति से ज्यादा पार्टी की अंदरूनी खींचतान को लेकर चर्चा में रही। प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान की मौजूदगी में हुई बैठक में कई कांग्रेस नेताओं ने अपनी चुनावी हार के लिए भाजपा नहीं, बल्कि पार्टी के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। बैठक के दौरान नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसे वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप कर शांत कराना पड़ा।

हवामहल से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी आर.आर. तिवाड़ी और मालवीय नगर से पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा ने बैठक में खुलकर कहा कि उन्हें चुनाव में भाजपा से नहीं, बल्कि कांग्रेस के अपने नेताओं से नुकसान पहुंचा। आर.आर. तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनके करीब 600 समर्थकों को अजमेर दरगाह जियारत के नाम पर भेज दिया, जिससे उन्हें लगभग 600 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा या आरएसएस नहीं, बल्कि कांग्रेस के लोग ही हराते हैं।

भाजपा से ज्यादा अपनी पार्टी से लड़ना पड़ता है

मालवीय नगर की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा ने दावा किया कि लगातार तीन चुनावों में उन्हें पार्टी के भीतर से नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के नेताओं का सामना करना पड़ता है। उनके बयान पर कांग्रेस नेता संगीता गर्ग ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच नोकझोंक भी हुई।

गहलोत को बताया राजस्थान कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता

मीडिया से बातचीत में आर.आर. तिवाड़ी ने कहा कि दिल्ली का हाईकमान अलग हो सकता है, लेकिन राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत ही सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भरी मटकी नहीं, आधी भरी मटकी ज्यादा छलकती है।

निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति भी तय

बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि निकाय चुनाव में सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिए जाएंगे। पार्टी केवल जिताऊ और साफ छवि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी। इसके लिए गुप्त सर्वे भी कराया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह से शहर कांग्रेस भ्रष्टाचार, अतिक्रमण, गंदगी और टूटी सड़कों के मुद्दे पर आंदोलन शुरू करेगी। बैठक को विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

बागियों पर सख्ती के संकेत

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने साफ कहा कि इस बार निकाय और पंचायत चुनाव में उन्हीं नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा जिन्होंने संगठन के साथ संघर्ष किया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं और बागियों को टिकट नहीं दिया जाएगा।

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