Rajasthan JEN Paper Leak Case: राजस्थान में पेपर लीक के जिन्न ने एक बार फिर खलबली मचा दी है। एसओजी (SOG) ने लंबे समय से फरार चल रहे शातिर आरोपी भीम सिंह को धर दबोचा है। भीम सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि आरपीएफ (RPF) का पूर्व जवान है, जिसने सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर सैकड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया।

टैबलेट का खेल और बेटी को गिफ्ट
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने जो खुलासे किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। दरअसल, भीम सिंह अभ्यर्थियों को जयपुर में इकट्ठा करता था। वह मोबाइल के बजाय आईपैड या टैबलेट का इस्तेमाल करता था ताकि एक साथ 5-6 लड़के स्क्रीन पर लीक पेपर देख सकें। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस टैबलेट से उसने लीक पेपर पढ़ाया, उसे सबूत मिटाने के लिए अपनी बेटी को दे दिया था। एसओजी ने अब उस ‘पाप के आईपैड’ को बरामद कर लिया है।
30-30 लाख में हुई डील, आरपीएफ में बुना था जाल
सूत्रों ने बताया कि भीम सिंह और मुख्य आरोपी भूपेंद्र सारण ने आरपीएफ में साथ काम किया था। यहीं से उनकी दोस्ती हुई और फिर शुरू हुआ पेपर लीक का काला कारोबार। अभ्यर्थियों से 25 से 30 लाख रुपए वसूले जाते थे। आरोपी ने वीआरएस लेकर बानसूर में कोचिंग और जयपुर में कंप्यूटर लैब खोल ली थी। बता दें कि भीम सिंह इससे पहले सीएचओ, पुलिस कांस्टेबल और एलडीसी पेपर लीक में भी शामिल रहा है।
दो बार लीक हुआ पेपर, अब रिमांड पर आरोपी
गौरतलब है कि जेईएन (JEN) भर्ती परीक्षा का पेपर एक नहीं बल्कि दो बार लीक हुआ। 2020 की परीक्षा रद्द होने के बाद 2021 में दोबारा परीक्षा हुई, लेकिन गिरोह ने उसे भी नहीं बख्शा। अब एसओजी भीम सिंह को रिमांड पर लेकर यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि पेपर आखिर विभाग के किस विभीषण ने बाहर निकाला था।
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