बारां। राजस्थाना में नेशनल हाईवे-76 किनारे ट्रकों के बीच लाल कपड़े में नवजात को फेंक दिया गया था। वहां से गुजर रहे तीन बाइक सवार युवकों की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने मासूम को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनकी जिंदगी बचाई। मामला कोटा रोड फोरलेन पर स्थित सोया प्लांट के पास का है।
मंगलवार शाम करीब 7 बजे हाईवे किनारे एक कार आकर रुकी। उसमें सवार लोगों ने लाल कपड़े में लिपटे नवजात को सड़क किनारे फेंका और चले गए। वहां से गुजर रहे बाइक सवार युवकों को संदेह हुआ, पास जाकर देखा तो नवजात रो रहा था। युवकों ने उसे उठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया।

घटना की सूचना पर सदर थाना प्रभारी नवल किशोर मीणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। वहीं पुलिस की एक टीम एएसआई पुरुषोत्तम के नेतृत्व में जिला अस्पताल पहुंची। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत परूथी ने बताया कि नवजात का वजन 2.600 किलोग्राम है और उसकी हालत स्थिर है। संभवतः उसका जन्म घर पर ही हुआ है। उसे एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। बाल कल्याण समिति ने नवजात को संरक्षण में ले लिया है। पुलिस नवजात को फेंकने वालों की तलाश कर रही है।
चिकित्सकों के अनुसार नवजात को जन्म के दो घंटे के भीतर ही सड़क पर छोड़ दिया गया। शरीर पर खून के निशान थे और नाल भी ठीक से नहीं काटी गई थी। उसके शरीर पर हल्की खरोंच के निशान भी मिले हैं। पुलिस की सूचना पर बाल कल्याण समिति के सदस्य भी अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। बाल कल्याण समिति के संरक्षण में नवजात का एसएनसीयू वार्ड में उपचार चल रहा है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एडवोकेट ओपी मेहता ने बताया कि पुलिस की सूचना पर समिति के सदस्य अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस ने नवजात को समिति के समक्ष पेश किया, जिसके बाद समिति ने उसे संरक्षण में ले लिया। फिलहाल मासूम का उपचार जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में जारी है।
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