Rajasthan News: जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के करीब नौ घंटे बाद आसाराम की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद मंगलवार रात करीब 11 बजे पुलिस सुरक्षा में उन्हें आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अचानक आसाराम की तबीयत क्यों बिगड़ी। हालांकि, सरेंडर के समय उनके पैर में प्लास्टर बंधा देखा गया था, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की एक वजह यह भी हो सकती है।

आज राजस्थान हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई
राजस्थान हाई कोर्ट में आज दोपहर लंच के बाद आसाराम की जमानत अवधि बढ़ाने को लेकर याचिका पर सुनवाई होगी। उनके वकीलों ने वही मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है, जिसके आधार पर गुजरात हाई कोर्ट पहले ही तीन महीने की जमानत दे चुका है। चूंकि आसाराम दो राज्यों में अलग-अलग मामलों में दोषी हैं, उन्हें जेल से बाहर रहने के लिए दोनों राज्यों की अदालतों से जमानत लेनी होती है। अगर जमानत मंजूर होती है, तो वह जेल से बाहर रहकर अपना इलाज करा सकेंगे, अन्यथा उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी होगी।
मौलिक अधिकारों का दिया हवाला
आसाराम ने जमानत याचिका में मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि उनकी उम्र 86 साल है और इस उम्र में कोई भी इनवेसिव सर्जरी सहन करना मुश्किल होता है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों के भी अधिकार होते हैं और यदि किसी को इलाज की जरूरत महसूस होती है, तो यह उसका अधिकार है।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं आसाराम
जोधपुर एम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज है और वह “हाई रिस्क” श्रेणी में आते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें विशेष नर्सिंग देखभाल, लगातार निगरानी और विशेषज्ञों की काउंसलिंग की आवश्यकता है। उनके वकील का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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