Rajasthan News: जयपुर: राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल के दौरान मंगलवार को पंचायत चुनाव में तीन संतान के नियम और छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक के मुद्दे जोरशोर से उठाए गए। चित्तौड़गढ़ के निर्दलीय विधायक चंद्रभान आक्या ने पंचायत चुनाव में तीन संतान की बाध्यता खत्म करने की मांग की, जबकि विधायक धर्मपाल ने छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की अपील की।

पंचायत चुनाव में नियम, लेकिन विधानसभा-संसद में नहीं?
विधायक चंद्रभान आक्या ने तर्क दिया कि, “तीन संतान का नियम केवल पंचायत और निकाय चुनाव में लागू है, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नहीं। अगर यह नियम जरूरी है, तो फिर इसे सभी चुनावों में लागू किया जाए, अन्यथा इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।”
उन्होंने कहा कि इस नियम के कारण कई योग्य उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाते, जिससे उनका राजनीतिक करियर प्रभावित होता है।
सरकार का जवाब: संज्ञान लिया जाएगा
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए कहा कि राज्य सरकार इस पर विचार करेगी और उचित कदम उठाएगी।
छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग
सदन में विधायक धर्मपाल ने छात्रसंघ चुनावों पर लगी रोक हटाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि, “छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं। इस सदन में बैठे कई विधायक और नेता इसी प्रक्रिया से होकर आए हैं। इसलिए सरकार को इन चुनावों को जल्द से जल्द बहाल करना चाहिए।
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