Rajasthan News: कोटा जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली पेंशन पिछले दो महीने से अटकी हुई है, जिससे प्रदेशभर में 60 लाख से अधिक लाभार्थी प्रभावित हुए हैं. अकेले कोटा जिले में 2.22 लाख से अधिक लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

विभाग के अनुसार, कुछ लाभार्थियों के दस्तावेज अधूरे या गलत होने के कारण बिल पास नहीं हो रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश में भुगतान अटका हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष राज्य में कई बैंकों का मर्जर हुआ था, जिसके कारण आईएफएससी कोड और खाता संख्या में बदलाव हुआ. इस बदलाव के चलते करीब 4.5 लाख लाभार्थियों की बैंक डिटेल अपडेट नहीं हो पाई, जिससे उनके भुगतान में बाधा आ रही है.
दवा और रोजमर्रा के खर्चों में दिक्कत
इस पेंशन योजना पर कई बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा महिलाएं निर्भर हैं, जो इससे दवा, राशन और अन्य रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं.
700 करोड़ का भुगतान हो चुका, 315 करोड़ बकाया
समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक हरिसिंह मीणा ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि अब तक करीब 700 करोड़ रुपये के बिल पास किए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी 315 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है.
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