Rajasthan News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से भेजे गए 600 से ज्यादा मामलों को अभियोजन की मंजूरी का इंतजार है। इन लंबित प्रकरणों को लेकर एसीबी के अफसरों ने चिंता जताई है। इसके चलते एसीबी के डीजी गोविन्द गुप्ता ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र भी लिखा है।

इसमें उन्होंने विभागों से इस लबित मामलों को जल्द क्लीयर करने के लिए कहा है। इस पत्र में डीजी ने बताया कि इन 607 में से 541 केस तो ऐसे हैं, जो तीन महीने या उससे अधिक समय से लबित हैं, लेकिन विभाग उनमें अब तक अभियोजन स्वीकृति जारी नहीं कर रहा है।
डीजी की तरफ से जो पत्र लिखा गया है, उसमें सबसे ज्यादा केस पेंडेंसी स्वायत्त शासन विभाग और स्वायत्त शासन निदेशालय में बताई गई है। यहां 142 केस ऐसे है, जिनमें विभाग की तरफ से अभियोजन स्वीकृति जारी नहीं की गई है। दूसरा नंबर पंचायती राज विभाग का है, जहां 51 केस पेंडिंग हैं। इन विभागों के अलावा पुलिस, ग्रामीण विकास, राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग और कार्मिक विभाग के भी प्रकरण है।
डीजी ने इस पत्र में एसीबी में खाली पड़े पद भी जल्द से जल्द भरने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एसीबी में सबसे ज्यादा पुलिस इंस्पेक्टर की कमी है। यहां 106 पोस्ट सेशन है, जिनमें से 58 खाली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के स्वीकृत 68 में से 28 पद और उप पुलिस अधीक्षक के 31 में से 6 पद खाली है।
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