Rajasthan News: झालावाड़ के पिपलोदी गांव में स्कूल भवन गिरने से सात मासूमों की मौत के बाद राज्य सरकार ने तत्काल बड़ा कदम उठाया है। अब पूरे राजस्थान में सरकारी भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, अस्पतालों, दफ्तरों, सड़कों और पुलों की सुरक्षा जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समितियों का गठन किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश
मुख्य सचिव सुधांश पंत की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। साफ कहा गया है कि हर साल 15 जून से पहले सभी असुरक्षित भवनों और ढांचों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए ताकि मानसून से पहले जान-माल की हानि से बचा जा सके।
राज्य स्तरीय समिति की जिम्मेदारियां क्या होंगी?
- समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग करेंगे।
- इसमें शिक्षा, चिकित्सा, ऊर्जा, नगरीय विकास, पंचायती राज, वित्त, तकनीकी शिक्षा सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे।
- यह समिति पूरे राज्य में सुरक्षा ऑडिट, मरम्मत, ध्वस्तीकरण और बजट आवंटन से जुड़े फैसले लेगी।
- हर साल जून से पहले सभी कार्य पूरे करने होंगे।
- हर महीने समीक्षा बैठक कर संबंधित विभागों को निर्देश देना अनिवार्य होगा।
- हर जिले में भी बनेगी स्थानीय स्थायी समिति
सरकार ने तय किया है कि हर जिले में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थायी समिति गठित होगी। इसमें शामिल होंगे
- जिला परिषद के सीईओ
- PWD और विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
- जिला शिक्षा अधिकारी
- अन्य नामित अधिकारी
यह समिति उपखंड स्तर तक उप-समितियां बनाकर जर्जर भवनों, पुलों और सड़कों की स्थिति का ऑडिट कराएगी।
बारिश में हादसों को रोकने की निगरानी भी जरूरी
जिला स्तरीय समितियों को वर्षा काल में करंट लगने, जलभराव, पुल ढहने और बाढ़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की निगरानी भी करनी होगी। वे समयबद्ध रिपोर्ट तैयार करेंगी और जिन ढांचों को असुरक्षित घोषित किया जाएगा, उन्हें ध्वस्त कराना भी समिति की ज़िम्मेदारी होगी।
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