Rajasthan News: जयपुर में गर्मी और उमस के बीच एसी चलाना अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। बिजली विभाग यानी डिस्कॉम ने एक नई पहल शुरू की है। बिजली की बढ़ती खपत और ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए अब स्मार्ट एसी मिशन लाया गया है। इस मिशन के तहत शहर के चुनिंदा इलाकों में खास डिवाइस लगाई जा रही है।

इन इलाकों के लोगों को मिलेगा फायदा
फिलहाल, इस प्रोजेक्ट को पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है। डिस्कॉम की तरफ से वैशाली नगर, मानसरोवर और मालवीय नगर के करीब 2 हजार घरेलू उपभोक्ताओं के एसी में मुफ्त ‘स्मार्ट आईओटी डिवाइस’ लगाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि देश में पहली बार किसी बिजली कंपनी ने घरेलू एसी को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पॉन्स (ADR) तकनीक से जोड़ने का काम किया है। इससे न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि ग्रिड भी ओवरलोड होने से बचेगा।
कैसे काम करती है ये स्मार्ट डिवाइस?
यह डिवाइस दो हिस्सों में बंटी होती है। एक हिस्सा घर के सॉकेट में और दूसरा एसी यूनिट पर लगाया जाता है। यह डिवाइस वाई-फाई से जुड़ी होती है।
जब बिजली की मांग ज्यादा होती है, तब यह डिवाइस एसी के तापमान में अपने आप 1 डिग्री की बढ़ोतरी कर देती है। इससे कमरे की ठंडक पर खास असर नहीं पड़ता, लेकिन बिजली की खपत तुरंत कम हो जाती है।
बिल में कितनी होगी बचत?
सूत्रों की मानें तो अगर आप रोजाना 6 से 8 घंटे एसी चलाते हैं, तो इस तकनीक से बिजली बिल में 3 से 6 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। डिस्कॉम का मानना है कि 2 हजार एसी को इस सिस्टम से जोड़कर पीक ऑवर्स में करीब 1 मेगावाट बिजली की मांग कम की जा सकेगी।
इसका सीधा असर यह होगा कि ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें भी कम हो जाएंगी। जयपुर के इन इलाकों के लोगों को अब ज्यादा स्टेबल वोल्टेज और बेहतर बिजली मिलने की उम्मीद है।
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