Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही जांच को सिर्फ दो फर्मों तक सीमित रखने के मामले में ईडी और राज्य सरकार से जवाब देने को कहा है।

एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता – की ओर से अधिवक्ता पीसी भंडारी और अधिवक्ता टीएन शर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ रुपए का घोटाला हुआ था।
इसके बावजूद भी केवल दो ठेका फर्म के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर जांच की गई है। याचिकाकर्ता ने कई अन्य लोगों व फर्म के खिलाफ भी शिकायत दी थी, लेकिन केवल दो फर्मों के अलावा अन्य की ओर से किए गए फर्जीवाड़े की न तो जांच की गई और ना ही अब तक एफआईआर दर्ज की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है।
ईडी की ओर से एएसजी भरत व्यास ने कहा कि ईडी ने कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार भी किया है। याचिकाकर्ता की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के आरोपों का जवाब देने के लिए मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद करना तय किया है।
पढ़ें ये खबरें
- Maniesh Paul की मां उर्मिल पॉल का निधन, मनीष की टीम ने की पुष्टि …
- आदिगुरु शंकराचार्य: 108 फीट ऊंची प्रतिमा का पिलर झुका? 2300 करोड़ के प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की शिकायत पहुंची CBI तक!
- फरीदाबाद में बारिश का असर: सेक्टर-64 का बिजली सब स्टेशन ठप, आधा दर्जन गांवों में रातभर से बिजली-पानी संकट
- नेशनल हाईवे पर सरिया लदे ट्रक की डिवाइडर से टक्कर, चालक-खलासी की मौत
- BLA हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों की पाकिस्तान में दुर्गति, टैंपो में भर कर ले जाए गए शव- Video
