बिहार के दानापुर क्षेत्र में पूर्व सैनिकों को जमीन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित पूर्व सैनिक राघवेंद्र कुमार ने आईआईटी अमहरा थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 54/2026 दर्ज कर ली है। इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद से इलाके के पूर्व सैनिकों में हड़कंप मच गया है।

​फर्जी संस्था और आरोपियों की भूमिका

​शिकायत के अनुसार, ‘सैनिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन इंडिया लिमिटेड’ नामक एक संस्था द्वारा लगभग 69 पूर्व सैनिकों को कम कीमत पर आकर्षक जमीन उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। इस धोखाधड़ी के मुख्य षड्यंत्रकारियों में संस्था के चेयरमैन लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश राणा और कैप्टन अर्जुन कुमार सिंह को प्रमुख भागीदार बताया गया है।
​आरोपियों ने पूर्व सैनिकों का विश्वास जीतने के लिए पहले उन्हें कुछ चुनिंदा जमीन के टुकड़े दिखाए और फिर कथित तौर पर फर्जी तरीके से उनकी रजिस्ट्री करा दी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी और जमीन के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की गई।

​पुलिस प्रशासन का सख्त रुख और अनुसंधान

​दानापुर एसडीपीओ-2 अमरेन् कुमार झा ने इस बहुचर्चित मामले की पुष्टि करते हुए मंगलवार रात मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांड संख्या 54/2026 के तहत पुलिस की विशेष टीमों द्वारा मामले की तह तक जाने के लिए गहन अनुसंधान किया जा रहा है।
​एसडीपीओ झा ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति या अधिकारी इस रैकेट में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​भविष्य की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश

​पुलिस अधिकारियों को इस मामले में तेजी से साक्ष्य संकलित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस यह भी सुनिश्चित करने में जुटी है कि इस ठगी से जुड़े हर एक पहलू की बारीकी से जांच हो, ताकि भविष्य में देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को इस तरह की संगठित धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े। पुख्ता सबूत मिलने के बाद आरोपियों पर कानूनी शिकंजा और अधिक कसा जाएगा।