Rajasthan News: जयपुर में जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ा झटका मिलने वाला है। जिला प्रशासन ने शहर की डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में संशोधन का फैसला लिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में डीएलसी दरों में 10 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा सकती है। 50 फीसदी से कम बढ़ोतरी वाले नए रेट अगले सात दिनों में लागू होने की संभावना है।

यह फैसला जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला दर निर्धारण समिति की बैठक में लिया गया।
इन इलाकों में बढ़ेंगी दरें
प्रशासन के अनुसार, जिन क्षेत्रों में बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा है और विकास कार्यों में तेजी आई है, वहां डीएलसी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, कुछ ऐसे क्षेत्रों की भी पहचान की गई है जहां बाजार मूल्य कम हुआ है। वहां डीएलसी दरों में कमी के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में भी जयपुर में डीएलसी दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी।
क्या होती है डीएलसी दर?
डीएलसी (District Level Committee) दर वह न्यूनतम सरकारी मूल्य होती है, जिस पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। इन दरों का निर्धारण जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करती है। जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, आवंटन और कई सरकारी शुल्क इसी आधार पर तय होते हैं।
50% से अधिक बढ़ोतरी पर सरकार लेगी फैसला
जिला प्रशासन के मुताबिक, जिन प्रस्तावों में डीएलसी दरों में 50 फीसदी से कम वृद्धि का सुझाव है, उन्हें सात दिन के भीतर लागू किया जा सकता है। वहीं, 50 फीसदी या उससे अधिक बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजे जाएंगे।
इसी तरह, जिन क्षेत्रों में डीएलसी दरें घटाने का प्रस्ताव है, उन पर भी अंतिम निर्णय राज्य सरकार ही करेगी। नई डीएलसी दरें लागू होने के बाद जयपुर में जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री के साथ-साथ रजिस्ट्री की लागत पर भी सीधा असर पड़ेगा।
पढ़ें ये खबरें
- UP में ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ दावों पर सवाल! वाराणसी में GST डिप्टी कमिश्नर 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
- IND vs ENG 2nd ODI: आज शाम दूसरे वनडे में भारत-इंग्लैंड की होगी भिड़ंत, सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी ब्लू ब्रिगेड, जानें पिच रिपोर्ट समेत मैच से जुड़ी सभी जरूरी अपडेट्स
- इंटरनेट पर डॉक्टर ढूंढना पड़ा भारी! एक लिंक पर क्लिक और खाते से उड़ गए 5 लाख
- पटना की सड़कों पर जन सुराज के खिलाफ पोस्टरबाजी, प्रशांत किशोर को बताया धंसुराज
- हरियाणा में 33 लाख से ज्यादा वोटरों पर संकट, फरीदाबाद में सबसे ज्यादा नाम कटने की आशंका

