Rajasthan News: राजस्थान में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधानसभा में घोषणा की है कि प्रदेश में लंबे समय से खाली पड़े कोचों के पदों को भरने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विधानसभा में निर्दलीय विधायक युनूस खान के एक सवाल का जवाब देते हुए खेल मंत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2012 के बाद यह पहला मौका है जब खेल विभाग में कोचों की इतनी बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। उन्होंने सदन को बताया कि विभाग कुल 840 कोचों की नियुक्ति करने जा रहा है, ताकि राज्य के अधिकांश खेल प्रशिक्षण केंद्रों (Sports Training Centers) में कोचों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।
भर्ती का स्वरूप: 140 स्थायी और 700 अस्थायी पद
खेल मंत्री ने भर्ती की विस्तृत योजना साझा करते हुए कहा कि 140 स्थायी कोचों के लिए वित्त विभाग से औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड भर्ती की आगामी कार्रवाई में जुटा है। विभाग अतिरिक्त सहायता के लिए 700 अस्थायी कोचों की भी नियुक्ति करेगा, जिससे प्रदेश के सुदूर इलाकों में भी खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग मिल सकेगी।
विधायक युनूस खान की पहल और सरकार का रुख
चर्चा के दौरान विधायक युनूस खान ने खेल विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे मेजर ध्यानचंद योजना के तहत अपने विधायक कोटे से 1 करोड़ रुपये की राशि देने के लिए तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने सरकार से इस राशि पर ‘मैचिंग ग्रांट’ देने का आग्रह किया ताकि खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। इस पर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि योजना के निर्धारित नियमों के अनुरूप इस प्रस्ताव का परीक्षण किया जाएगा और इसे वित्त विभाग के पास विचारार्थ भेजा जाएगा।
पढ़ें ये खबरें
- आरजी कर रेप-मर्डर केस में TMC नेता सोमनाथ डे गिरफ्तार, बंगाल पुलिस ने 1900 किमी दूर बेंगलुरु से गिरफ्तार किया
- मुजफ्फरपुर में बेकाबू ट्रक की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल
- मकान में सजी थी जुए की महफिल: पुलिस ने दबिश देकर 6 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा
- पिस्टल की नोक पर शादी, 3 महीने बाद उठी अर्थी, मुजफ्फरपुर में ग्रेजुएशन की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत
- ‘हम अपना नारा नहीं बदलते’, आरक्षण विवाद के बीच संतोष सुमन का चिराग पासवान पर बड़ा हमला



