Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर में पूर्व विधायक मेवाराम जैन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर ने स्पष्ट रूप से दूरी बना ली है। कमेटी ने बयान जारी कर कहा कि इन पोस्टरों से उनका कोई संबंध नहीं है और यह अज्ञात व्यक्तियों की करतूत है, जिसका मकसद संगठन को बदनाम करना है।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर और कार्यकारी अध्यक्ष गफूर अहमद व गोपाराम मेघवाल के हस्ताक्षर से जारी बयान में कहा गया कि बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों का जिला कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। बयान में स्पष्ट किया गया कि ऐसी गतिविधियां कांग्रेस की परंपरा और सकारात्मक राजनीति के खिलाफ हैं। कमेटी ने इन पोस्टरों को संगठन को बदनाम करने की साजिश करार दिया।
जिला कांग्रेस ने कहा कि पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बयान में जोर दिया गया कि यह कृत्य बाहरी और अज्ञात तत्वों द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य केवल कांग्रेस और उसके संगठन की छवि को धूमिल करना है। कमेटी ने मीडिया और जनता से अपील की कि इस प्रकरण को जिला कांग्रेस से न जोड़ा जाए।
गौरतलब है कि मेवाराम जैन को सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो क्लिप्स वायरल होने और अनुशासन उल्लंघन के आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी ने निलंबित कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में लगे पोस्टरों ने विवाद को और हवा दी, जिसके जवाब में जिला कांग्रेस ने यह बयान जारी किया। कमेटी ने दोहराया कि वह जनता के मुद्दों, विकास कार्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रखेगी।
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