Rajasthan News: राजस्थान के कई जिलों जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बालोतरा, हनुमानगढ़, बहरोड़, झालावाड़, श्रीगंगानगर और राजसमंद में इस बार पुलिसकर्मियों की होली फीकी रही। पुलिस कमिश्नर और एसपी द्वारा निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद कई पुलिसकर्मी शनिवार को आयोजित होली समारोह में शामिल नहीं हुए। नतीजतन, केवल उच्च अधिकारियों ने आपस में रंग खेलकर त्योहार मनाया।

वेतन विसंगति बना विरोध का कारण
पुलिसकर्मियों की नाराजगी का मुख्य कारण वेतन विसंगति और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की मांग है। अन्य सरकारी विभागों की तुलना में पुलिसकर्मियों को कम वेतनमान मिलने के चलते वे असंतुष्ट हैं।
क्या है वेतन विसंगति?
- राजस्थान पुलिस में सिपाही का प्रारंभिक वेतनमान ₹5200-20200 और ग्रेड पे ₹1900 है।
- पहली पदोन्नति (9 साल बाद) में पटवारी की ग्रेड पे ₹3200, कनिष्ठ लिपिक की ₹2400, लेकिन सिपाही की सिर्फ ₹2000 होती है।
- दूसरी पदोन्नति में पटवारी नायब तहसीलदार बनकर ₹3600, कनिष्ठ लिपिक कार्यालय सहायक बनकर ₹3200, जबकि एएसआई बनने वाले सिपाही की ग्रेड पे सिर्फ ₹2400 होती है।
- तीसरी पदोन्नति (27 साल बाद) में तहसीलदार और कार्यालय अधीक्षक की ग्रेड पे ₹4200 होती है, जबकि उप निरीक्षक बने सिपाही की ₹3600।
किरोड़ी लाल मीणा का समर्थन
राजस्थान सरकार में पूर्व कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पुलिसकर्मियों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे पुलिसकर्मियों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर समाधान करवाएंगे। साथ ही, उन्होंने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे होली का पर्व उल्लास के साथ मनाएं।
पढ़ें ये खबरें
- प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा : 26 जुलाई को रायपुर के 52 केंद्रों पर 16,987 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, प्रवेश से पहले होगी अनिवार्य फ्रिस्किंग
- स्टाफ की कमी बताकर चाइल्ड केयर लीव से नहीं किया जा सकता इनकार: हाईकोर्ट
- TRANSFER : 11 IAS अफसरों का तबादला, कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग ने जारी किया आदेश
- स्कूल में तिलक लगा कर आने पर आपत्ति: हिंदू संगठन पहुंचा स्कूल, हंगामे के बाद प्रबंधन ने मांगी माफी
- वाहन लूटकर चालक की हत्या का मामला: 4 दोषियों को उम्रकैद, एक को 1 साल की सजा, एक आरोपी बरी

