जुबैर अंसारी/सुपौल। सिमराही (बिहार): भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 45वीं वाहिनी ने तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीमा चौकी पिपराही के जवानों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कोसी नदी के पलार क्षेत्र से 720 लीटर नेपाली शराब और एक लकड़ी की नाव को जब्त किया है।
गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम
द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कोसी नदी के पलार क्षेत्र से मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप की तस्करी की जाने वाली है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक विशेष नाका पार्टी का गठन किया गया। टीम ने स्पर संख्या 1237 के पास कोसी नदी के किनारे पहुंचकर मोर्चा संभाला और संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए छिपकर निगरानी शुरू कर दी।
तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार
कुछ समय की निगरानी के बाद, जवानों को नदी की दिशा से कुछ संदिग्ध हलचल और आवाजें सुनाई दीं। अंधेरे में देखा गया कि नदी किनारे एक लकड़ी की नाव लगी हुई है, जिस पर कुछ अज्ञात व्यक्ति सफेद प्लास्टिक की बोरियों में सामान लाद रहे थे। तस्करी की पुष्टि होते ही जवानों ने सतर्कता बरती और तस्करों को चारों तरफ से घेरने का प्रयास किया। हालांकि सुरक्षाबलों की आहट मिलते ही तस्करों ने स्थिति को भांप लिया और वे घने अंधेरे एवं कोसी नदी के दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे।
जब्ती और आगे की कार्रवाई
तस्करों के फरार होने के बाद जवानों ने घटनास्थल की गहन तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान लकड़ी की नाव में लदी सफेद बोरियों की जांच की गई जिसमें से भारी मात्रा में नेपाली निर्मित दिलवाले ब्रांड की देशी शराब बरामद हुई। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 720 लीटर आंकी गई है।
सशस्त्र सीमा बल ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जब्त शराब और लकड़ी की नाव को आगे की कार्रवाई के लिए मद्य निषेध विभाग सिमराही को सुपुर्द कर दिया है। इस सफल अभियान में सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह के साथ 45वीं वाहिनी के अन्य जवान शामिल थे।
SSB की 45वीं वाहिनी सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाती रहती है। यह कार्रवाई तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

