पटना। बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को उनका लंबे समय से आशियाना रहा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने इसे लेकर औपचारिक नोटिस जारी किया है।
क्यों जारी हुआ नोटिस?
भवन निर्माण विभाग के अनुसार राबड़ी देवी को 25 नवंबर 2025 को ही नया सरकारी आवास 39 हार्डिंग रोड आवंटित किया जा चुका है। विभागीय नियमों के तहत उन्हें पुराना बंगला खाली करना था लेकिन पिछले छह महीनों में दो से तीन बार आग्रह करने के बावजूद उन्होंने अभी तक अपना कब्जा नहीं छोड़ा है। अब विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से नया आवास ग्रहण करने और पुराना बंगला खाली करने का कड़ा निर्देश दिया है।
मंत्री को मिला नया आशियाना
वर्तमान में 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभागीय प्रक्रिया के तहत ही यह आवंटन किया गया है और पूर्व मुख्यमंत्री को नए आवंटित बंगले में शिफ्ट होने के लिए कहा गया है। लालू परिवार वर्ष 2005 से इस बंगले में रह रहा था।
राजद ने इसे बताया ओछी राजनीति
इस नोटिस के बाद राजद ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसे बदले की भावना और अपमानित करने वाली राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा 20 साल से ज्यादा समय से यह आवास राबड़ी देवी के पास है। वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं। सत्ता पक्ष अपनी हनक दिखाना चाहता है और राबड़ी देवी को अपमानित करने के लिए ही जानबूझकर किसी अन्य मंत्री को यह बंगला आवंटित किया गया है। राजद नेताओं का आरोप है कि यह कदम न केवल अनुचित है बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की पराकाष्ठा है।
फिलहाल इस नोटिस के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है और आवास खाली करने की समय-सीमा को लेकर अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री स्वयं बंगला खाली करेंगी या यह मामला कानूनी मोड़ लेगा।

