Rajasthan News: बांसवाडा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. रोत का कहना है कि SIR सिस्टम असल में कोविड से भी बड़ी मुसीबत बन गया है. उन्होंने कहा कि ये प्रक्रिया एयर-कंडीशन कमरों में बैठे अफसरों ने तैयार की है, जिन्हें गांव की असल परिस्थितियों का अंदाजा ही नहीं.

रोत ने समझाया कि ग्रामीण इलाकों में घर एक-दूसरे से काफी दूर होते हैं. वहां पहुंचने में ही आधा घंटा लग जाता है. ऐसे में बीएलओ से ये उम्मीद करना कि वो एक दिन में 50 घर निपटा देगा, व्यवहारिक ही नहीं.
बच्चों की पढ़ाई पर असर
रोत का कहना है कि SIR ड्यूटी की वजह से शिक्षक स्कूलों में नहीं पहुंच पा रहे. कोविड में स्कूल बंद होने से पढ़ाई ठप हुई थी, अब स्कूल खुले हैं पर शिक्षक ड्यूटी में बाहर घूम रहे हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई फिर से बिगड़ रही है.
बीएलओ पर बढ़ता दबाव
सांसद के मुताबिक देशभर में मानसिक और शारीरिक दबाव के चलते अब तक 19 बीएलओ की मौत हो चुकी है. राजस्थान में भी कई जानें गई हैं. किसी को हार्ट अटैक आया, कोई तनाव में आत्महत्या कर बैठा. रोत का कहना है कि सरकार को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए, SIR की समय सीमा बढ़ानी चाहिए और बीएलओ का वर्कलोड कम करना चाहिए.
राजस्व मंत्री को जवाब
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा द्वारा बीएपी के सूपड़ा साफ होने वाले बयान पर भी रोत ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि मंत्री पहले यह देखें कि अपने कार्यकाल में कितने दलित, आदिवासी और पिछड़े परिवारों को पट्टे दिलवाए हैं.
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