Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में बीती रात अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान माहौल गरमा गया। बहस इतनी बढ़ गई कि स्पीकर वासुदेव देवनानी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। गुस्से में स्पीकर ने कागज फेंकते हुए कहा, “आप ही चला लो विधानसभा, मैं तो चला।”

क्या था पूरा मामला?
मामला तब बढ़ा जब उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को जवाब देने के लिए स्पीकर ने नाम पुकारा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताई और कहा कि अब तक तीन विधायक अपनी बात नहीं रख पाए हैं, उन्हें भी दो-दो मिनट का समय दिया जाए। स्पीकर ने इसका विरोध किया, जिस पर जूली ने भी पलटवार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच बहस छिड़ गई।
स्पीकर का गुस्सा, कहा- “फर्क कैसे नहीं पड़ता?”
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि “विधायकों को बोलने दीजिए, इससे क्या फर्क पड़ता है?” इस पर स्पीकर देवनानी नाराज हो गए और कहा, “फर्क कैसे नहीं पड़ता?” फिर उन्होंने गुस्से में कागज फेंकते हुए कहा, “फिर आप ही चला लो विधानसभा, मैं तो चला,” और आसन से उठकर जाने लगे।
इस पर जूली ने जवाब दिया, “आप नाराज क्यों होते हैं? हमने तो सिर्फ विधायकों को बोलने देने की बात कही है।”
गुस्सा शांत होने के बाद 3 विधायकों को मिला मौका
कुछ देर बाद स्पीकर का गुस्सा शांत हुआ और वे वापस अपनी सीट पर बैठे। फिर उन्होंने कांग्रेस के तीन विधायकों को बोलने का मौका दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के चलते सदन का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन बाद में कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ी।
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