Rajasthan News: राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य के कई जिलों में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निकायों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि शहर की सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को हटाया जाए, लेकिन इस दौरान उन्हें न्यूनतम शारीरिक नुकसान पहुंचे।

जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि अगर कोई व्यक्ति नगर निकायों को इस काम से रोकता है, तो अधिकारी ऐसे लोगों पर FIR दर्ज कर सकते हैं, क्योंकि यह लोक सेवकों को उनके कर्तव्य पालन से रोकना है।
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था
अदालत ने नगर निगमों को निर्देश दिया कि वे टेलीफोन नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जारी करें, जहां नागरिक आवारा पशुओं की शिकायत दर्ज करा सकें। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक आस्था, भावनाओं या पशु प्रेम के कारण उन्हें खाना खिलाना चाहता है, तो यह गतिविधि नगर निकाय या निजी संगठनों के आश्रय स्थलों, गौशालाओं या मवेशी तालाबों में की जाए।
जोधपुर और हाईवे पर विशेष कार्रवाई
कोर्ट ने नगर निगम जोधपुर को आदेश दिया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और जिला न्यायालय परिसर से आवारा पशुओं को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिया गया कि वे हाईवे पर नियमित गश्त करें और आवारा पशुओं को हटाकर यातायात सुचारू रखें। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
पढ़ें ये खबरें
- FIR से नाम हटाने के लिए 20 हजार की रिश्वत, 15 हजार लेते महिला पुलिसकर्मी रंगे हाथ गिरफ्तार
- बस्तर में पुलिस ने शुरु किया ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान: ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करना उद्देश्य
- स्वतंत्रता दिवस 2026: गृह मंत्रालय ने की घोषणा, पुलिस के 19 अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा प्रेसिडेंट मेडल
- भाजपा कार्यालय में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, प्रदेश अध्यक्ष ने युवाओं को दी बलिदानियों से सीख लेने की सलाह
- Cab Booking New Rule: Ola-Uber में अब Ride से पहले नहीं दे पाएंगे Tip, जानिए क्यों हटाया गया ये फीचर ?

